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95 साल बाद ऐतिहासिक दिन पर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन, प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

Published on: February 14, 2026
On the historic day after 95 years

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ नाम से बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भवन के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। यह तारीख ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि 13 फरवरी 1931 को ही नई दिल्ली को आधुनिक भारत की राजधानी के रूप में औपचारिक रूप से उद्घाटित किया गया था।

कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ नामकरण का अनावरण करेंगे। इसके बाद नए परिसर और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन करेंगे तथा शाम लगभग 6 बजे एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

प्रशासनिक समेकन की दिशा में बड़ा कदम

‘सेवा तीर्थ’ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इससे पहले ये संस्थान सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग भवनों में कार्यरत थे।

वहीं, कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, कॉर्पोरेट कार्य और जनजातीय कार्य सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे मंत्रालयों के बीच समन्वय, कार्य दक्षता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

औपनिवेशिक विरासत से आधुनिक ढांचे की ओर

1931 से सत्ता के केंद्र रहे नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक लंबे समय तक गृह, वित्त, रक्षा, विदेश और पीएमओ जैसे प्रमुख मंत्रालयों के मुख्यालय रहे हैं। अब इन मंत्रालयों का चरणबद्ध तरीके से नए सचिवालय भवनों में स्थानांतरण किया जा रहा है। भविष्य में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में ‘युगे युगेन भारत’ नाम से एक राष्ट्रीय संग्रहालय स्थापित करने की योजना है, जिसे विश्व के सबसे बड़े संग्रहालयों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नई दिल्ली की आधारशिला 1911 में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी ने रखी थी, जब राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई थी। लगभग दो दशक के निर्माण के बाद 13 फरवरी 1931 को वायसराय लॉर्ड इरविन ने नई राजधानी का उद्घाटन किया था। रायसीना हिल परिसर, जिसमें राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक शामिल हैं, ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और सर हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था।

डिजिटल, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिसर

नए भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और उच्च-प्रदर्शन संरचना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, उन्नत निगरानी नेटवर्क और आधुनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली भी स्थापित की गई है।

‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा हैं, जिसमें नया संसद भवन और कॉमन सेंट्रल सचिवालय जैसे ढांचे शामिल हैं। 95 वर्ष बाद इसी ऐतिहासिक तारीख पर नए प्रशासनिक परिसर का उद्घाटन भारत के शासन ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।


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