कार्यक्रम के दौरान “देवेंद्र चौरसिया अमर रहें” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में शहीद के बलिदान को याद करते हुए उनके साहस और देशभक्ति को नमन किया। माहौल बेहद भावुक था और कई लोगों की आंखें नम नजर आईं।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बीडीओ अरुण कुमार पांडेय ने शहीद देवेंद्र चौरसिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के जवान विषम परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों की शहादत पर पूरे देश को गर्व है और उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
सपा नेता परवेज आलम ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों का बलिदान समाज और देश के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के जीवन से सीख लेकर देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
शहीद देवेंद्र चौरसिया केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात थे और उनकी ड्यूटी छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में थी। 30 मार्च 2016 को गश्त के दौरान नक्सलियों द्वारा किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में वे अपने साथियों के साथ शहीद हो गए थे। उनका यह बलिदान देश के लिए सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।
कार्यक्रम में शहीद के पिता हरगोविंद चौरसिया, पत्नी संगीता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के एसआई हरदेव यादव द्वारा दी गई सलामी ने सभी को भावुक कर दिया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान शैलेश चौरसिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के सम्मानित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शहीद को श्रद्धांजलि और देशभक्ति के संकल्प के साथ हुआ।