इस सफलता की सबसे खास बात लार विकास खंड के ग्राम बरडीहा परशुराम से सामने आई, जहां एक ही परिवार के दो सगे भाइयों ने एक साथ पीसीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर इतिहास रच दिया। गांव निवासी अवध बिहारी सिंह, जो देवसिया इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं, उनके दोनों पुत्र—अभिषेक सिंह और अनिमेश सिंह—का चयन हुआ है।
अभिषेक सिंह ने आईआईटी मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। वहीं, उनके छोटे भाई अनिमेश सिंह ने भी बड़े भाई के मार्गदर्शन में निरंतर मेहनत करते हुए इस कठिन परीक्षा को पास किया। दोनों भाइयों की यह संयुक्त सफलता पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
परिवार में इस उपलब्धि को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पिता अवध बिहारी सिंह ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि दोनों बेटों की एक साथ सफलता उनके सपनों के साकार होने जैसा है। जैसे ही परिणाम की जानकारी मिली, गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने इस उपलब्धि को सामूहिक रूप से मनाया।
इसके अलावा, जिले के अन्य कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने भी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। लार विकास खंड के उकिना गांव की अमृता कुमारी, बरहज क्षेत्र के सतरांव की आयुषिका यादव, रुद्रपुर विकास खंड के महेशपुर निवासी त्रिपुरेश मणि त्रिपाठी, पथरदेवा क्षेत्र के मलघोट विरैचा के अवनीश गोंड, भाटपाररानी क्षेत्र के खरोहवा की अनुष्का यादव, तरकुलवा के अभिषेक यादव तथा पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष उत्पल आनंद यादव जैसे नाम इस सूची में शामिल हैं।
इन अभ्यर्थियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद यदि सही दिशा में मेहनत की जाए, तो बड़ी से बड़ी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
जिले भर में इन सफल अभ्यर्थियों को लेकर उत्साह का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि इनकी सफलता से प्रेरित होकर जिले के अन्य युवा भी प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित होंगे।
कुल मिलाकर, देवरिया के युवाओं की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी है।