Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

‘इंडिया आउट’ से संतुलन की कूटनीति तक: मुइज्जू ने भारत-चीन के बीच अपनाया नया रास्ता

Published on: December 25, 2025
Diplomacy of balance through 'India Out'

द देवरिया न्यूज़,माले। ‘इंडिया आउट’ के नारे के सहारे सत्ता में आए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को शुरुआत में भारत के लिए झटका माना गया था। सत्ता संभालते ही मुइज्जू ने भारत विरोधी रुख अपनाया और दशकों पुराने साझेदार की जगह चीन के साथ नजदीकियां बढ़ाईं। लेकिन कुछ ही समय में यह साफ हो गया कि भारत से टकराव की नीति इस क्षेत्र में ज्यादा दूर तक नहीं चल सकती। इसके बाद मुइज्जू ने धीरे-धीरे भारत के साथ रिश्ते सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए।

अब मुइज्जू ने एक ऐसी विदेश नीति अपनाई है, जिसमें वह भारत और चीन दोनों से संतुलित तरीके से फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, बिना किसी बड़े टकराव के।


भारत और चीन, दोनों के बड़े प्रोजेक्ट मालदीव में

ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ में लिखे एक लेख में राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपनी विदेश नीति की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दावा किया कि एशिया की दो उभरती महाशक्तियों—भारत और चीन—के साथ मालदीव के अच्छे रिश्ते हैं और इसका सीधा लाभ देश को मिल रहा है।

मुइज्जू के मुताबिक, मालदीव की राजधानी माले में नया एयरपोर्ट टर्मिनल चीन द्वारा बनाए गए एक मील लंबे समुद्री सड़क पुल से जुड़ा है। वहीं, दूसरी ओर भारत माले को उसके तीन पड़ोसी द्वीपों से जोड़ने वाला एक और महत्वपूर्ण सड़क पुल बना रहा है। उन्होंने कहा कि एक मील से भी कम दूरी पर दो वैश्विक शक्तियों द्वारा बनाए जा रहे ये हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आधुनिक मालदीव की पहचान बन चुके हैं।


संप्रभुता और व्यवहारिक नीति का दावा

राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि केवल पांच लाख की आबादी वाले छोटे से देश में इतने बड़े प्रोजेक्ट इसलिए संभव हो सके हैं, क्योंकि मालदीव अपनी संप्रभुता को सर्वोपरि मानता है और व्यवहारिक विदेश नीति पर चलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भू-राजनीतिक लाभ उठाने का अधिकार सिर्फ बड़े देशों तक सीमित नहीं है।

मुइज्जू ने लिखा कि छोटे देश भी अपनी भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और रणनीतिक लोकेशन का सही इस्तेमाल कर वैश्विक ताकतों के साथ फायदे के रिश्ते बना सकते हैं।


ब्रिटेन से भी मजबूत होते संबंध

अपने लेख में मुइज्जू ने ब्रिटेन और मालदीव के बीच उभरते रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश निवेश ने मालदीव के लग्जरी टूरिज्म सेक्टर को नई दिशा दी है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 1.8 लाख से अधिक ब्रिटिश पर्यटकों ने मालदीव का दौरा किया।


“किसी एक पक्ष को चुनना जरूरी नहीं”

राष्ट्रपति मुइज्जू ने साफ शब्दों में कहा कि भारत, चीन और ब्रिटेन जैसी तीन बड़ी वैश्विक शक्तियों की मौजूदगी मालदीव को किसी एक का पक्ष चुनने के लिए मजबूर नहीं करती। उन्होंने कहा,
समृद्धि केवल एक पक्ष चुनने से नहीं आती। संतुलन और सहयोग ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

‘इंडिया आउट’ की राजनीति से शुरुआत करने वाले मोहम्मद मुइज्जू अब संतुलित कूटनीति की राह पर चलते दिख रहे हैं, जहां मालदीव अपनी रणनीतिक स्थिति का इस्तेमाल कर भारत और चीन दोनों से विकास का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।


इसे भी पढ़ें : देवरिया: बैडमिंटन खेलते समय डाक्टर के भाई की हार्ट अटैक से मौत, स्टेडियम में मचा हड़कंप

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply