द देवरिया न्यूज़ : जिले की स्थायी लोक अदालत ने हाईटेंशन तार से हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने विद्युत विभाग को मृतक की पत्नी को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
हादसा टेंट लगाने के दौरान हुआ
यह मामला बरियारपुर थाना क्षेत्र के अमवा गांव का है। 1 जून 2024 को एक व्यक्ति अपने चाचा के ब्रह्मभोज की तैयारियों में टेंट लगवा रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे हाईटेंशन तार से उसका संपर्क हो गया। हादसे का कारण यह था कि बिजली का तार सुरक्षा मानकों से कम ऊंचाई पर लटका हुआ था। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी ने मांगा न्याय
मृतक की पत्नी किशा देवी ने इस मामले में स्थायी लोक अदालत की शरण ली। उन्होंने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि विद्युत विभाग ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिससे यह जानलेवा हादसा हुआ।
अदालत ने विद्युत विभाग को माना दोषी
मामले की सुनवाई स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश मिश्रा और सदस्य राजेश कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने की। अदालत ने साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर विद्युत विभाग को दोषी करार दिया।
दो महीने में मुआवजा देने का आदेश
अदालत ने अपने आदेश में अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड देवरिया, अधीक्षण अभियंता और महाप्रबंधक, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को संयुक्त रूप से निर्देश दिया है कि वे दो महीने के भीतर किशा देवी को 5 लाख रुपये का मुआवजा अदा करें।
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