द देवरिया न्यूज़ : एतिहासिक लाल किले की प्राचीन दीवारें इस दिसंबर एक अलग ही स्वर सुनेंगी, जब यहां विश्व संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक आयोजित होगी। भारत सरकार पहली बार यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति (आईसीएच) के 20वें सत्र की मेजबानी करने जा रही है। यह वैश्विक सम्मेलन 8 से 13 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित लाल किले में होगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। इसमें दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
यमुना तट पर स्थित यह विश्व धरोहर स्थल अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्ता के कारण चुना गया है। परिसर में मौजूद 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, याद-ए-जालियां, नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय और आत्मनिर्भर भारत डिजाइन केंद्र इस आयोजन को और भी अर्थपूर्ण बनाएंगे। इस बैठक के लिए भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी, इनटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज (आईसीएच) के मामलों के लिए नोडल एजेंसी हैं।
24 देशों के प्रतिनिधि आएंगे भारत
यूनेस्को के 2003 कन्वेंशन के तहत गठित इस समिति में कुल 24 देश हिस्सा लेंगे। इनमें शामिल हैं:
अल्जीरिया, फ्रांस, स्लोवाकिया, अंगोला, जर्मनी, स्पेन, बांग्लादेश, हैती, युगांडा, बारबाडोस, भारत, यूक्रेन, बुर्किना फासो, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, मॉरिटानिया, उज्बेकिस्तान, डोमिनिकन रिपब्लिक, नाइजीरिया, वियतनाम, इथियोपिया, पराग्वे और जाम्बिया।
यूनेस्को सूची में दर्ज भारत के 15 सांस्कृतिक तत्व होंगे प्रदर्शित
सम्मेलन की तैयारी संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी द्वारा की जा रही है। भारत की कई परंपराएं पहले ही यूनेस्को की प्रतिनिधि सूची में शामिल हैं। जिनमें शामिल हैं:
वैदिक मंत्रोच्चारण
कुटियाट्टम (संस्कृत थिएटर)
रामलीला
रमम्मान (गढ़वाल)
छाऊ नृत्य
कालबेलिया (राजस्थान)
मुदियेट्टु (केरल)
लद्दाख का बौद्ध मंत्रोच्चार
इनकी प्रस्तुति इस दौरान दी जाएगी।
प्रतिभागियों के लिए तीन-चरणीय पंजीकरण प्रक्रिया
1. यूनेस्को पंजीकरण (INDICO प्लेटफॉर्म)
ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा
स्वीकृति के बाद नाम provisional list में दिखेगा
पुष्टि ईमेल द्वारा भेजी जाएगी
2. मेजबान देश पंजीकरण (भारत सरकार)
दी गई जानकारी वीजा प्रक्रिया में भी उपयोग होगी
इसी आधार पर 20.COM का बैज तैयार होगा
3. बैज प्राप्त करना
7 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे तक लाल किले से बैज लेना अनिवार्य
वितरण 6 दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू
बिना बैज किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा
ऑनलाइन भी देख सकेंगे सम्मेलन की कार्यवाही
सम्मेलन की सभी चर्चाएं और बहसें ऑनलाइन प्रसारित होंगी, जिसे दुनिया भर के लोग देख सकेंगे। लाइव स्ट्रीम में दी जाने वाली भाषा-व्याख्या केवल समझ के लिए होगी—अधिकृत भाषण मूल भाषा में ही माना जाएगा।
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