द देवरिया न्यूज़/नई दिल्ली: भारत का स्वदेशी फाइटर जेट तेजस अपनी सटीक हैंडलिंग, सुरक्षित उड़ान और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाना जाता रहा है। 2016 में पहले स्क्वाड्रन की तैनाती के बाद से अब तक इसका सेफ्टी रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। लेकिन दुबई एयर शो के दौरान तेजस मार्क-1ए जेट का हादसे में क्रैश होना भारतीय वायुसेना के लिए बड़ा झटका है। इस हादसे में भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की शहादत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। वे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे।
तेजस का सफर: दो स्क्वाड्रन और अंतरराष्ट्रीय पहचान
तेजस का पहला स्क्वाड्रन 45 ‘फ्लाइंग डैगर्स’ जुलाई 2016 में सुलूर में सिर्फ दो विमानों के साथ खड़ा हुआ था। दूसरा स्क्वाड्रन 18 ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ मई 2020 में नलिया एयरबेस पर तैनात किया गया। अब तक भारतीय वायुसेना के बेड़े में कुल 38 तेजस लड़ाकू विमान शामिल हैं।
तेजस पिछले कई वर्षों से दुबई, सिंगापुर और अन्य देशों के एयर शो में हिस्सा लेता रहा है और लो-लेवल एयरोबैटिक्स के जरिए अपनी फुर्ती व तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करता आया है। इसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाज़ार में खरीदारों को आकर्षित करना है।
प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद मेगा ऑर्डर
तेजस के प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय वायुसेना इसे बड़े पैमाने पर इंडक्शन के लिए आगे बढ़ा रही है। वायुसेना ने अब तक 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लगभग 180 तेजस मार्क-1ए जेट का ऑर्डर दिया है। हाल ही में सितंबर में 66,500 करोड़ रुपये के 97 नए विमानों का सौदा HAL से किया गया था।
हालांकि, अमेरिकी कंपनी द्वारा इंजन सप्लाई में देरी और कुछ हथियार परीक्षण लंबित होने के कारण मарк-1ए की डिलीवरी अभी शुरू नहीं हो सकी है।
कौन से हथियारों से लैस होगा तेजस मार्क-1ए?
तेजस मार्क-1ए की हथियार प्रणाली में शामिल हैं—
अस्त्र BVRAAM (Beyond Visual Range Missile)
एडवांस्ड शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल
लेजर-गाइडेड बम
इजरायली ELM-2052 रडार व उन्नत फायर कंट्रोल सिस्टम का इंटीग्रेशन
ये परीक्षण अभी अंतिम चरण में हैं।
दुर्घटना कैसे हुई—सवालों में घिरा कारण
दुबई एयर शो में हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी आधिकारिक जांच शुरू होनी बाकी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह किसी तकनीकी गड़बड़ी, अचानक पावर फेल या कंट्रोल सिस्टम फॉल्ट की वजह से हो सकता है।
एक पूर्व फाइटर पायलट ने बताया—
“अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हादसा क्यों हुआ। हाई-जी मोड़ पर सिस्टम फेल होना भी एक कारण हो सकता है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।”
इसे भी पढ़ें : क्राइम ब्रांच पर लगा भ्रष्टाचार का दाग, इंस्पेक्टर 4 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया
➤ You May Also Like






























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































