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शेख हसीना का बड़ा बयान: “भारत से दुश्मनी आत्मघाती, बांग्लादेश लौटने की शर्त है लोकतंत्र की बहाली”

Published on: November 13, 2025
Sheikh Hasina's big statement

द देवरिया न्यूज़ /नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनके बांग्लादेश लौटने की पहली शर्त सहभागी लोकतंत्र की बहाली है। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश के संबंध बेहद गहरे हैं और इन्हें किसी की मूर्खता से कमजोर नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर भारत के प्रति दुश्मनी और कट्टरपंथियों के समर्थन का आरोप लगाया।

“भारत से संबंध बिगाड़ना यूनुस की बेवकूफी”

भारत में एक अज्ञात स्थान से न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा,

“भारत हमेशा से बांग्लादेश का सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय साझेदार रहा है। यूनुस का भारत से संबंध बिगाड़ना बेवकूफी और कूटनीतिक रूप से आत्मघाती कदम है।”

उन्होंने कहा कि यूनुस कमजोर और गैर-निर्वाचित नेता हैं जो कट्टरपंथियों के समर्थन पर टिके हैं। हसीना ने उम्मीद जताई कि यूनुस ज्यादा कूटनीतिक गलतियां करने से पहले सत्ता छोड़ देंगे।

बांग्लादेश लौटने की शर्त रखी

पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत सरकार को शरण देने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वे भारत की मेहमाननवाज़ी की शुक्रगुज़ार हैं।

“मेरे लौटने की सबसे जरूरी शर्त वही है, जो बांग्लादेश के लोग चाहते हैं — सहभागी लोकतंत्र की वापसी। अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए और चुनाव निष्पक्ष एवं समावेशी तरीके से कराए जाएं।”

कट्टरपंथियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता

हसीना ने चेतावनी दी कि उनके सत्ता छोड़ने के बाद बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें फिर से सिर उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस पाकिस्तान से नज़दीकी बढ़ा रहे हैं और भारत विरोधी रवैया अपना रहे हैं।

“हिंसक प्रदर्शन रोकने में चूक हुई”

हसीना ने स्वीकार किया कि बीते साल हुए छात्र आंदोलनों को काबू में न रख पाने में उनकी सरकार से गलती हुई। उन्होंने कहा कि यह घटना कई सबक सिखा गई, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उन “कथित छात्र नेताओं” को भी लेनी चाहिए जिन्होंने जनता को भड़काया।

“अंतरराष्ट्रीय अदालत में सामना करने को तैयार”

उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय अदालत में यूनुस के आरोपों का सामना करने को तैयार हैं।

“अगर यूनुस अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में मेरे खिलाफ मुकदमा करेंगे तो अदालत मुझे बरी कर देगी।”

“कुछ पश्चिमी देशों ने यूनुस को समर्थन दिया”

हसीना ने यह भी दावा किया कि कुछ पश्चिमी देशों ने मोहम्मद यूनुस का समर्थन किया था, लेकिन अब जब उन्हें उनकी असलियत पता चल रही है — कि वह कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रहे हैं और संविधान को कमजोर कर रहे हैं — तो वे अपना समर्थन वापस लेंगे।


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