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महिला शिक्षामित्र का शव कुएं में मिला: परिवार का आरोप– एसआईआर कार्य के दबाव में की आत्महत्या, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

Published on: December 5, 2025
Dead body of female teacher in well

द देवरिया न्यूज़,महोबा : महोबा के थाना श्रीनगर क्षेत्र के पवा गांव में एसआईआर कार्य में बीएलओ की सहायता कर रहे एक शिक्षामित्र का शव बुधवार दोपहर गांव के बाहर स्थित कुएं में उतराता मिला। वह दो दिन पहले घर से गायब हो गए थे। बेटियों का आरोप है कि एसआईआर कार्य के दबाव से परेशान होकर उनके पिता ने आत्महत्या की। सूचना मिलते ही एसडीएम और थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

कबरई के पवा गांव के रहने वाले 50 वर्षीय शंकरलाल राजपूत प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सर्वे में उन्हें बीएलओ बृजेंद्र राजपूत की सहायता के लिए लगाया गया था। एक दिसंबर को वह घर से लापता हो गए। परिवार ने गांव व रिश्तेदारी में खोजबीन की, पर कोई सुराग नहीं मिला और गुमशुदगी की सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई। बुधवार जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो कुएं के पास चप्पल दिखाई देने पर संदेह हुआ। कुएं में झांककर देखा तो शंकरलाल का शव उतराता मिला। सूचना पर एसडीएम शिवध्यान पांडेय, नायब तहसीलदार विकास गोयल व थाना श्रीनगर पुलिस मौके पर पहुंची।

शंकरलाल की बेटियां नीलम और अंजलि ने बताया कि पिता कई दिनों से मतदाता सूची के कार्य में व्यस्त थे। देर रात तक काम करने और लगातार फोन कॉल आने से वे बेहद तनाव में थे। घर से गायब होने के बाद दो दिन में उनका शव कुएं में मिला। परिवार का आरोप है कि एसआईआर कार्य के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया।

थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह ने कहा कि घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा।

डीएम ने कहा – जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने बताया कि पवा गांव में मिले शव की पहचान शिक्षामित्र शंकरलाल के रूप में हुई है। गांव के भाग संख्या 31 और 32 में दो बूथ हैं, जिन पर क्रमशः बीएलओ बृजेंद्र सिंह और बृजेंद्र राजपूत तैनात हैं।

उन्होंने बताया कि मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता देने के लिए हर गांव में सात सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसमें लेखपाल, ग्राम सचिव, पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी और सहायक शिक्षक शामिल हैं। शंकरलाल भी इसी टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें प्रत्यक्ष रूप से किसी दबाव वाली भूमिका में नहीं रखा गया था।

भाग संख्या 31 में कार्य की प्रगति 73% तक हो चुकी है और अब तक एसआईआर कार्य में दबाव या समस्या संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है। डीएम ने कहा कि पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और पुलिस जांच व रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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