Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

चीन का दक्षिण एशिया पर फोकस: हथियार बाजार में पैठ बनाने को J-10C और J-35A का जोरदार प्रचार

Published on: February 6, 2026
China's focus on South Asia

द देवरिया न्यूज़,बीजिंग : चीन वैश्विक हथियार बाजार में खुद को एक बड़े सप्लायर के रूप में स्थापित करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है। इसके तहत वह दक्षिण एशियाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार को सक्रिय रूप से टारगेट कर रहा है। इसी रणनीति के तहत चीन ने एशिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सिंगापुर एयर शो में अपने कुछ सबसे एडवांस्ड लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन किया है। इस एयर शो में चीन ने J-10C फाइटर जेट, पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर J-35A, और पाकिस्तान के साथ मिलकर विकसित किया गया JF-17 भी प्रदर्शित किया है।


भारत-पाक टकराव को बना रहा मार्केटिंग टूल

चीन अपने J-10C फाइटर जेट को बेचने के लिए कथित तौर पर प्रोपेगैंडा का सहारा ले रहा है। इसके लिए वह भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2024 में हुए सैन्य टकराव का हवाला दे रहा है और इस विमान को “कॉम्बैट-प्रूव्ड” बताने की कोशिश कर रहा है।

दरअसल, J-10C का इस्तेमाल पाकिस्तान करता है। पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान J-10C को तैनात किया था। अब चीन इसी दावे को हथियार बाजार में भुनाने की कोशिश कर रहा है।


J-10C को अब तक नहीं मिले खरीदार

जोरदार प्रचार के बावजूद चीन को अपने स्वदेशी फाइटर J-10C के लिए अब तक खास सफलता नहीं मिली है।
फिलहाल पाकिस्तान ही इसका एकमात्र खरीदार है।

चीन ने ब्राजील, मिस्र, इंडोनेशिया, कोलंबिया और ईरान जैसे देशों से बातचीत जरूर की है, लेकिन अब तक बीजिंग को कोई दूसरा पक्का ग्राहक नहीं मिल सका है।


पांचवीं पीढ़ी का J-35A भी शोकेस

J-10C के साथ-साथ चीन अपने लेटेस्ट पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर J-35A को भी एयर शो में प्रदर्शित कर रहा है। इसे चीन भविष्य के निर्यात उत्पाद के रूप में पेश कर रहा है, खासकर उन देशों के लिए जो अमेरिकी या यूरोपीय फाइटर जेट नहीं खरीद सकते।


JF-17 को लेकर भी चीन-पाक की साझा मुहिम

एयर शो में चीन का तीसरा प्रमुख फाइटर JF-17 है, जिसे उसने पाकिस्तान के साथ मिलकर विकसित किया है।
JF-17 की यह प्रस्तुति ऐसे समय हो रही है, जब कथित तौर पर कई देशों ने इसमें रुचि दिखाई है। इनमें:

  • इराक

  • बांग्लादेश

  • इंडोनेशिया

  • सऊदी अरब

  • लीबिया

शामिल बताए जा रहे हैं।

हालांकि, पाकिस्तान ने मई 2024 के टकराव के दौरान JF-17 से भारत के राफेल को गिराने का दावा किया था, जिसे चीन की प्रोपेगैंडा मशीनरी ने जोर-शोर से प्रचारित किया। बाद में यह दावा ठोस सबूतों के अभाव में कमजोर पड़ गया


प्रोपेगैंडा के सहारे बाजार पकड़ने की कोशिश

इसके बावजूद चीन एक बार फिर मई में हुए कथित “सफल ऑपरेशनल प्रदर्शन” का हवाला देकर J-10C और JF-17 को प्रमोट कर रहा है।
चीन का फोकस सिर्फ दक्षिण-पूर्व एशिया ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट के हथियार बाजार पर भी है।

बीजिंग अमेरिकी सैन्य हार्डवेयर की तुलना में:

  • तेज़ डिलीवरी

  • कम शर्तें

  • लचीले फाइनेंस विकल्प

जैसे बिंदुओं को आगे रखकर नए ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।


इसे भी पढ़ें :  भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और एमएसएमई को नुकसान नहीं, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply