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असम में भाजपा को बड़ा झटका: पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार के सांसद राजेन गोहेन ने पार्टी छोड़ी, 17 नेताओं ने भी दिया इस्तीफा

Published on: October 10, 2025
BJP gets bigger in Assam
द देवरिया न्यूज़ ,गुवाहाटी। असम में भारतीय जनता पार्टी को गुरुवार को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार के सांसद राजेन गोहेन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ राज्य के विभिन्न हिस्सों से 17 अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा की।
राजेन गोहेन ने अपना त्यागपत्र राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया को सौंपते हुए कहा कि वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहे हैं। गोहेन का यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय समुदायों की अनदेखी का आरोप
पत्रकारों से बातचीत में राजेन गोहेन ने भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पार्टी ने असम के लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। स्थानीय समुदायों की आवाज को अनसुना किया गया और बाहरी लोगों को बसने की अनुमति दी गई। यह असम की अस्मिता के खिलाफ है।”
गोहेन ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी में असंतोष झेल रहे थे और स्थिति को सुधारने की कोशिश भी की, लेकिन संगठन ने उनकी बात नहीं सुनी।
चार बार के सांसद और पूर्व रेल राज्य मंत्री
राजेन गोहेन असम की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे 1999 से 2019 तक नागांव संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे और इस दौरान उन्होंने 2016 से 2019 तक रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। गोहेन भाजपा के असम प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनका अहम योगदान माना जाता है। पेशे से वे चाय बागान के मालिक हैं और असम के मध्य और ऊपरी क्षेत्रों में उनका काफी प्रभाव है।
17 अन्य सदस्यों ने भी छोड़ी पार्टी
गोहेन के इस्तीफे के साथ ही पार्टी के ऊपरी और मध्य असम के 17 अन्य नेताओं ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें कई स्थानीय पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये सभी नेता पिछले कुछ महीनों से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे।
अगले साल विधानसभा चुनाव, भाजपा पर दबाव
असम में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, और भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा राज्य में संगठनात्मक रूप से मजबूत मानी जाती है, लेकिन राजेन गोहेन जैसे पुराने और प्रभावशाली नेता का पार्टी से जाना राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गोहेन के पास असम के मध्य क्षेत्र में मजबूत जनाधार है और उनका कदम भाजपा के वोट बैंक पर असर डाल सकता है, खासकर नागांव और आसपास के जिलों में।
भाजपा ने कहा—‘पार्टी मजबूत, असर नहीं पड़ेगा’
वहीं, असम भाजपा ने इस इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी संगठन मजबूत है और किसी एक व्यक्ति के जाने से भाजपा की स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा। राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा, “राजेन गोहेन हमारे वरिष्ठ नेता रहे हैं, लेकिन पार्टी की नीतियां राष्ट्रहित में हैं और भाजपा का कारवां आगे बढ़ता रहेगा।”
असम में भाजपा इस समय सहयोगी दलों असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के साथ गठबंधन में सरकार चला रही है। लेकिन आगामी चुनाव से पहले यह इस्तीफा भाजपा की अंदरूनी असहमति को उजागर करता है, जो पार्टी के लिए आने वाले महीनों में चुनौती बन सकता है।

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