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लखनऊ में वैन चालक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस समन से था परेशान

Published on: September 18, 2025
van driver in lucknow
द देवरिया न्यूज़ लखनऊ: निगोहां थाना क्षेत्र के हरिवंशखेड़ा गांव में एक वैन चालक ने पुलिस समन और कानूनी कार्यवाही के डर से मानसिक तनाव में आकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 50 वर्षीय भारतलाल गुप्ता के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का भरण-पोषण एक निजी वैन चलाकर करते थे।
घटना बुधवार सुबह की है जब भारतलाल, अपनी पत्नी को यह कहकर घर से निकले कि उन्हें वकील से मुलाकात करनी है। कुछ घंटे बाद परिवार को सूचना मिली कि मस्तीपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक पर उनका शव पड़ा है। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। आस-पास के लोग भी शोर सुनकर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी और निगोहां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने कहा है कि घटना की पूरी जांच की जा रही है और परिजनों से भी पूछताछ की गई है।
पुराने मुकदमे से था तनाव, पुलिस वारंट लेकर घर पहुंची थी
भारतलाल की पत्नी गायत्री देवी ने बताया कि वर्ष 2005 में उनके पति की वैन से मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के गौरा गांव में एक सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के संबंध में न्यायालय में मुकदमा लंबित है। इस केस को लेकर भारतलाल कई वर्षों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
गायत्री देवी ने बताया कि रविवार को मोहनलालगंज थाने की पुलिस वारंट लेकर उन्हें गिरफ्तार करने घर पहुंची थी। पुलिस ने भारतलाल से कहा कि उन्हें उनके साथ थाने चलना होगा। इस पर उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वह कपड़े बदलकर आते हैं। लेकिन अंदर जाकर वे पीछे के दरवाजे से चुपचाप निकल गए और तब से घर नहीं लौटे।
परिजनों का कहना है कि जेल जाने का डर उन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा था और वे अवसाद में चले गए थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भारतलाल के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा ऋषभ एक निजी कंपनी में कार्यरत है, आयुष ऑटो चलाकर परिवार में हाथ बंटाता है, जबकि आदित्य और सपना अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की असमय मृत्यु ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। आर्थिक रूप से भी यह परिवार अब बेहद कठिन परिस्थिति में आ गया है।
स्थानीय लोग बोले – इंसाफ मिले, संवेदनशील हो पुलिस
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि पुलिस को ऐसे मामलों में ज्यादा संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और अगर पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही या दबाव की बात सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी। वहीं, परिजन अपने एकमात्र सहारे को खोने के बाद सदमे में हैं और उन्हें प्रशासन से मदद की उम्मीद है।

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