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अरावली बचाओ, दिल्ली बचाओ: अखिलेश यादव का पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश

Published on: December 22, 2025
Save Aravali, Save Delhi
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली और एनसीआर के बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण संकट को लेकर अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं, बल्कि यह एक सामूहिक संकल्प होना चाहिए। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए लिखा— “बची रहे जो अरावली, तो दिल्ली रहे हरीभरी।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह भूलना नहीं चाहिए कि अगर अरावली बचेगी, तभी दिल्ली और पूरा एनसीआर सुरक्षित रह पाएगा। अरावली को उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच और कुदरती ढाल बताया। उनका कहना है कि अरावली ही वह पर्वतमाला है, जो दिल्ली में कभी नजर आने वाले तारों को फिर से दिखा सकती है और प्रदूषण से जूझ रहे पर्यावरण को बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अरावली पर्वतमाला वायु प्रदूषण को कम करने, बारिश के जल-संतुलन को बनाए रखने और भूजल संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है। एनसीआर की जो जैव विविधता आज भी किसी तरह बची हुई है, उसका बड़ा आधार अरावली ही है। यह पर्वतमाला खत्म होते जा रहे वेटलैंड्स को बचा सकती है और लुप्त हो रहे पक्षियों को वापस ला सकती है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अरावली एनसीआर के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक है। इसके साथ ही इसका भावनात्मक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है, जो दिल्ली की पहचान का हिस्सा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अरावली का विनाश नहीं रुका, तो दिल्लीवासियों को हर सांस के लिए संघर्ष करना पड़ेगा और स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी निजात नहीं मिल पाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण का सबसे खतरनाक असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। दिल्ली के विश्व प्रसिद्ध अस्पताल और मेडिकल सेवाएं भी इससे प्रभावित हो रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि जो लोग इलाज के लिए दिल्ली आते थे, वे अब और बीमार होने के डर से यहां आने से कतराने लगे हैं।
अखिलेश यादव ने आगे चेताया कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो दिल्ली उत्तर भारत के सबसे बड़े बाजार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान खो सकती है। न देशी पर्यटक आएंगे, न विदेशी। बड़े इवेंट, राजनीतिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजन जैसे ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड की कल्पना भी संभव नहीं रह जाएगी। होटल, रेस्तरां, टैक्सी, कैब, हैंडीक्राफ्ट और छोटे कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब प्रदूषण के कारण हवाई जहाज उड़ान नहीं भर पाएंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी और सड़क परिवहन असुरक्षित होगा, तो दिल्ली कौन आएगा? यहां तक कि लोग अपने बच्चों की शादी तय करने से पहले भी दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे।
अखिलेश यादव ने सभी नागरिकों, स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और मीडिया से ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया, तो अवैध खनन को वैध बनाने की राजनीति और जमीन की असीम भूख दिल्ली को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे मिलकर अरावली बचाएं और इस मुद्दे पर जनमत की ताकत से गलत नीतियों का विरोध करें।

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