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आई लव मोहम्मद’ विवाद पर आजम खां की बड़ी प्रतिक्रिया: बोले—यह गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने की साजिश, प्रशासन चाहता तो बातचीत से सुलझ जाता मामला

Published on: October 22, 2025
On the 'I Love Mohammed' controversy
द देवरिया न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में हाल ही में फैले ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर अब समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खां ने चुप्पी तोड़ते हुए इसे सोची-समझी साजिश बताया है। आजम ने कहा कि प्रशासन अगर चाहता तो यह मामला संवाद और समझदारी से हल किया जा सकता था, लेकिन जानबूझकर इसे तूल देकर माहौल खराब किया गया।
रामपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा —

“अगर मैं इसे चिंगारी भी कहूं, तो सवाल यह है कि इतनी छोटी बात इतनी बड़ी आग कैसे बन गई? अगर जिला प्रशासन चाहता, तो यह विवाद बातचीत से सुलझाया जा सकता था। इतिहास गवाह है कि चाहे हालात कितने भी बिगड़े हों, समाधान आखिर में संवाद की मेज पर ही निकलता है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह विवाद देश की गंगा-जमुनी तहजीब को चोट पहुंचाने की साजिश थी। आजम ने कहा —
“अगर कोई किसी से प्यार करता है, तो यह उसका जन्मसिद्ध अधिकार है। इस पर विवाद खड़ा करना नासमझी और दुर्भावना का संकेत है।”

क्या है ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद?

यह विवाद कानपुर में 4 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था। ईद-मिलादुन्नबी (बारावफात) के जुलूस के दौरान रावतपुर के सैयद नगर में एक टेंट पर ‘आई लव मोहम्मद’ बैनर लगाया गया था, जो रामनवमी शोभायात्रा गेट के सामने था। हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई और बैनर फाड़ने की घटना भी हुई।
स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर बैनर हटवाया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। हालांकि, अगले दिन 5 सितंबर को फिर से विवाद बढ़ गया जब मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों पर दूसरे समुदाय के पोस्टर फाड़ने का आरोप लगा। पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद यह विवाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों और देश के कुछ हिस्सों में फैल गया।

“दीये जलते नहीं, रोशन किए जाते हैं” — आजम खां का प्रतीकात्मक संदेश

दिवाली के मौके पर आजम खां ने एक भावुक संदेश दिया था। उन्होंने कहा —

“दीये जलते नहीं हैं, बल्कि रोशन किए जाते हैं। जो दीये रोशन किए जाते हैं, उनका मकसद उजाला देना होता है, ठंडक देना होता है। वही लोग काबिल-ए-तारीफ हैं जो नफरत मिटाने का काम करते हैं।”

उन्होंने कहा कि कई लोग उनसे मिलने आ रहे हैं और उनके प्रति हमदर्दी दिखा रहे हैं। आजम बोले —
“जो लोग मुझसे मिलने आते हैं, वो जानते हैं कि मेरे साथ बुरा हुआ है। उनकी हमदर्दी मेरे लिए दवा जैसी है। यह लोग शायद पहली बार इतनी अकीदत से मिले हैं।”

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