द देवरिया न्यूज़, तरकुलवा। महुआपाटन गांव में जिला प्रशासन की ओर से चल रही बुलडोजर कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। अब तक गांव में दर्जनों मकान गिराए जा चुके हैं और 147 परिवारों को नोटिस थमा दिया गया है। शनिवार को इस मामले को लेकर सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में गांव पहुंचा और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
पूर्व मंत्री ने प्रशासन को दी चेतावनी
पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने मौके पर कहा कि जिला प्रशासन बुलडोजर की राजनीति कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी गई तो वह एक अक्तूबर से कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय पर “डेरा डालो-घेरा डालो” आंदोलन करेंगे। त्रिपाठी ने कहा कि यह सिर्फ मकान गिराने का मामला नहीं है, बल्कि गरीबों और वंचितों के सिर से छत छीनने का काम किया जा रहा है, जिसे समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
भूमि विवाद को बताया मूल कारण
पूर्व मंत्री ने बताया कि महुआपाटन बाजार में संत जायसवाल और उनके भाइयों की भूमिधारी जमीन पर सड़क का निर्माण कराया गया था। सड़क बनने के बाद ग्राम पंचायत ने मुआवजे के रूप में दूसरी जगह पर जमीन आवंटित की थी। त्रिपाठी का आरोप है कि उसी जमीन पर बने मकानों को अब जिला प्रशासन ने अवैध बताते हुए ध्वस्त करा दिया है।
ग्रामीणों में रोष, प्रशासन पर मनमानी का आरोप
पीड़ित ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री को बताया कि उन्हें नोटिस तो दिया गया, लेकिन घर तोड़ने से पहले उनकी आपत्तियां सुनने का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन बिना जांच-पड़ताल किए सीधे बुलडोजर चला रहा है। कई परिवारों के पास अब रहने के लिए छत नहीं बची है। प्रभावित परिवारों में महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
सपा का आंदोलन का ऐलान
ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई तो सपा चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर से वह खुद कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय पर डेरा डालेंगे और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता।
प्रतिनिधिमंडल में कई नेता रहे मौजूद
इस मौके पर फख़रूद्दीन खान, मंजूर हसन, संजय कुमार मल्ल,सद्दाम हुसैन , सुभाष पाठक, कृष्णलाल त्रिपाठी, सरफराज अहमद, हीरालाल गुप्ता सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों का हौसला बढ़ाया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस मामले में अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि प्रशासन का मानना है कि यह जमीन शासकीय है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित प्रक्रिया के तहत की जा रही है। वहीं सपा नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन का रुख नहीं बदला तो मामला सियासी रूप ले सकता है। महुआपाटन में जारी बुलडोजर कार्रवाई अब राजनीतिक रंग लेने लगी है। आने वाले दिनों में यह मामला जिले की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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