Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

माफिया अतीक अहमद का बेटा मोहम्मद अली नैनी जेल से झांसी जिला कारागार शिफ्ट

Published on: October 1, 2025
Mafia Atiq Ahmed's

द देवरिया न्यूज़ प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद अली को नैनी केंद्रीय कारागार से झांसी जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। इस संबंध में शासनादेश मंगलवार देर रात नैनी जेल प्रशासन को प्राप्त हुआ, जिसके बाद बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अली को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झांसी रवाना कर दिया गया।

रंगदारी मामले में सरेंडर

अली अहमद ने 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। लंबे समय तक फरार रहने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद से वह नैनी जेल में बंद था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अली को सामान्य बैरक से हटाकर हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

उसे जेल की 8×10 फीट की कोठरी में रखा गया था, जहाँ चार सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती थी। साथ ही तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की तैनाती कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी।

बैरक से नकदी बरामद

17 जून 2025 को डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने नैनी जेल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान अली की बैरक से 1100 रुपये नकद बरामद हुए थे। नकदी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने एक डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके बाद उसकी निगरानी और कड़ी कर दी गई थी। इसी घटना के बाद से उसे नैनी जेल से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

डीजी जेल से की थी गुजारिश

उत्तर प्रदेश के डीजी जेल पीसी मीणा ने जुलाई 2025 में कार्यभार संभालने के बाद नैनी सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अली से मुलाकात की थी। उस समय अली ने उनसे हाई सिक्योरिटी सेल से हटाकर अन्य बंदियों के बीच रखे जाने की मांग भी की थी।

सुरक्षा कारणों से स्थानांतरण

जेल सूत्रों के अनुसार, नैनी जेल से अली को शिफ्ट किए जाने के पीछे सुरक्षा कारण सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। जेल प्रशासन को आशंका थी कि हाई सिक्योरिटी व्यवस्था के बावजूद अंदर से गड़बड़ी की संभावना बनी रहती है। इसी कारण शासन ने देर रात आदेश जारी कर उसे झांसी जिला कारागार भेज दिया।


इसे भी पढ़ें : बरहज तहसील में फर्जी नियुक्ति घोटाले का खुलासा, चार अधिकारी और कई कर्मचारी जांच के घेरे में

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply