Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

पाकिस्तान में जिन्ना की 149वीं जयंती: पीएम शहबाज शरीफ सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, पारिवारिक पृष्ठभूमि पर फिर चर्चा

Published on: December 26, 2025
Jinnah's 149th birth anniversary in Pakistan
द देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : पाकिस्तान गुरुवार (25 दिसंबर) को अपने संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की 149वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेताओं ने जिन्ना को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिन्ना को ब्रिटिश शासन से अलग होकर धर्म के आधार पर पाकिस्तान की स्थापना कराने वाले नेता के रूप में याद किया जाता है।
25 दिसंबर 1876 को ब्रिटिश भारत में जन्मे जिन्ना के पारिवारिक इतिहास को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। पाकिस्तान क्रिश्चियन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन्ना के पिता पुंजालाल ठक्कर उनके जन्म के समय तक हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्यवसाय से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों और बहिष्कार के चलते परिवार ने धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया।
दादा के व्यवसाय से शुरू हुई कहानी
रिपोर्ट के अनुसार, जिन्ना के दादा प्रेमजीभाई ठक्कर गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र के लोहाना हिंदू समुदाय से थे और वेरावल में मछली का व्यवसाय करते थे। इस कारण समुदाय द्वारा सामाजिक बहिष्कार किए जाने के बाद परिवार कराची चला गया। जिन्ना की प्रारंभिक शिक्षा कराची में ही हुई और उनकी मैट्रिक परीक्षा में नाम ‘एम. जेड. ठक्कर’ दर्ज बताया जाता है।
इस्लाम अपनाने के बाद बदला नाम
बताया जाता है कि बाद में पुंजालाल ठक्कर ने शिया इस्लाम (आगा खानी संप्रदाय) अपनाया और राजकोट की आगा खानी मस्जिद में अपने बेटों, जिनमें मोहम्मद अली जिन्ना भी शामिल थे, के नाम बदले गए। इसके बाद जिन्ना ने कानून की पढ़ाई की और एक सफल वकील बने। उन्होंने पहले कांग्रेस और बाद में मुस्लिम लीग के प्रमुख नेता के रूप में भूमिका निभाई और पाकिस्तान आंदोलन का नेतृत्व किया।
राजनीतिक छवि में बदलाव
इतिहासकारों के अनुसार, जिन्ना लंबे समय तक मुस्लिम दक्षिणपंथी वर्ग में लोकप्रिय नहीं थे। 1937 के बाद ही उन्होंने पारंपरिक शेरवानी और टोपी पहननी शुरू की। इससे पहले उनका पहनावा और जीवनशैली पश्चिमी प्रभाव से अधिक प्रभावित रही। जिन्ना की जयंती पर पाकिस्तान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, वहीं उनके जीवन और विचारों से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं पर भी चर्चा तेज हो गई है।

इसे भी पढ़ें : नए FDTL नियमों और बढ़ते बेड़े के चलते एयरलाइंस में पायलट भर्ती तेज

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply