Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

होर्मुज संकट के बीच जामनगर पहुंचा LPG से भरा जहाज ‘जग वसंत’, भारत को मिली राहत

Published on: March 29, 2026
Jamnagar amid Hormuz crisis

द  देवरिया न्यूज़,जामनगर/नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित आपूर्ति के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से लदा जहाज एमटी जग वसंत गुजरात के जामनगर स्थित डीपीए कांडला के वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस जहाज पर करीब 47,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

बंदरगाह पर लंगर डालने के बाद इस जहाज से गैस को अन्य छोटे जहाजों के जरिए उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी तस्वीरें भी पहली बार सामने आई हैं, जो इस पूरे ऑपरेशन की अहमियत को दर्शाती हैं।

फारस की खाड़ी से हुआ था रवाना

एमटी जग वसंत उन दो जहाजों में शामिल है, जो सोमवार सुबह फारस की खाड़ी से रवाना हुए थे। इसके साथ एलपीजी टैंकर ‘पाइन गैस’ भी चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को तैनात किया गया था। दोनों जहाज एक साथ चलते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचे। बताया जा रहा है कि इन दोनों जहाजों में लदी गैस की कुल मात्रा देश की लगभग एक दिन की रसोई गैस की खपत के बराबर है, जो मौजूदा संकट के बीच बड़ी राहत है।

होर्मुज में फंसे थे जहाज

गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बाधित हो गया था, जिससे कई भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंस गए थे। एमटी जग वसंत और पाइन गैस भी उन्हीं जहाजों में शामिल थे। इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी जैसे जहाज भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जिनसे गैस आपूर्ति को कुछ हद तक सामान्य किया गया।

भारत की ऊर्जा निर्भरता

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

  • करीब 88% कच्चा तेल आयात होता है
  • 50% प्राकृतिक गैस
  • और लगभग 60% एलपीजी विदेशों से आती है

इनमें से बड़ी मात्रा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही भारत पहुंचती है। ऐसे में इस मार्ग में बाधा आने से देश में आपूर्ति पर सीधा असर पड़ता है।

वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिश

सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और लातिनी अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों का सहारा लिया है। हालांकि, एलपीजी और गैस की आपूर्ति अभी भी काफी हद तक होर्मुज पर निर्भर है, जिससे औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में दबाव देखा जा रहा है।

आगे और जहाजों की उम्मीद

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी एलपीजी से लदे जहाज भारत पहुंच सकते हैं, जिससे आपूर्ति स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इस बीच, एमटी जग वसंत का सुरक्षित भारत पहुंचना न केवल एक रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है।


इसे भी पढ़ें : पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अमेरिका ने उठाए सवाल, भारत और पीएम मोदी पर जताया भरोसा

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply