Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

ईरान की खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी—‘अमेरिकी सेना को जगह दी तो बनेंगे निशाना’

Published on: March 29, 2026
Iran's Gulf countries are strict
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान : अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने खाड़ी देशों को कड़ा संदेश दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ चेतावनी दी है कि जो देश अपनी जमीन पर अमेरिकी सैनिकों को जगह देंगे, वे ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। उन्होंने सऊदी अरब, कुवैत, कतर, यूएई और बहरीन जैसे देशों से कहा है कि अगर वे हमलों से बचना चाहते हैं तो अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को न करने दें।

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ने कभी भी संघर्ष की शुरुआत नहीं की है, लेकिन अगर उसके बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों पर हमला होता है तो वह जवाब देने में देर नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “हम बार-बार स्पष्ट कर चुके हैं कि हम पहले हमला नहीं करते, लेकिन अपनी रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।”

ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे विकास और स्थिरता चाहते हैं, तो “अपने दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध छेड़ने की अनुमति न दें।” ईरान पहले भी यह संकेत दे चुका है कि किसी तीसरे देश की जमीन से उस पर हमला हुआ तो वह उस देश को भी जवाबी कार्रवाई में शामिल मान सकता है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब और यूएई पहले ही ईरान के हमलों को लेकर नाराजगी जता चुके हैं और जवाबी कार्रवाई के संकेत दे चुके हैं। हाल ही में ईरान ने आरोप लगाया कि इजरायल ने उसकी स्टील फैक्ट्रियों, पावर प्लांट और नागरिक परमाणु स्थलों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और संभावित युद्धविराम की कोशिशें भी पीछे छूटती नजर आ रही हैं।

इसी बीच, ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे चली चर्चा में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने पर जोर दिया गया। पाकिस्तान ने इस संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने न सिर्फ इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं, बल्कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। ईरान के इस ताजा बयान से यह साफ हो गया है कि संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेने की आशंका बढ़ गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply