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पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़, टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बनाई ‘जनता उन्नयन पार्टी’

Published on: December 23, 2025
in politics of West Bengal
द देवरिया न्यूज़,कोलकाता/मुर्शिदाबाद : पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ के गठन की घोषणा कर दी है। मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक कबीर मिर्जापुर (बेलडांगा के पास) से अपनी पार्टी की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह वही इलाका है, जो पहले उनसे जुड़ी प्रस्तावित बाबरी मस्जिद परियोजना को लेकर चर्चा में रहा है।
पार्टी लॉन्च से पहले हुमायूं कबीर ने कहा कि टीएमसी से निलंबन के बावजूद उनका राजनीतिक सफर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नई पार्टी आम लोगों के मुद्दों पर काम करेगी और हर चुनौती का डटकर सामना करेगी। कबीर ने कहा कि आने वाले दिनों में उनकी पार्टी का झंडा कोलकाता से लेकर उत्तर बंगाल के कई जिलों में दिखाई देगा।
100 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा
हुमायूं कबीर ने बताया कि मुर्शिदाबाद उनका जन्मस्थान है और इस जिले से उनका गहरा रिश्ता है, इसलिए यहां पार्टी की मजबूत मौजूदगी तय है। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के पदाधिकारियों की भी घोषणा की जाएगी। पश्चिम मेदिनीपुर के अल हाज हाजी को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
कबीर ने यह भी कहा कि वे जल्द ही बरहामपुर से रोड शो निकालेंगे। उनका दावा है कि जनता उन्नयन पार्टी अगले विधानसभा चुनाव में 100 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और नतीजों के बाद सरकार गठन में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने टीएमसी और भाजपा दोनों के विरोधी दलों से साथ आने की अपील की है। कबीर का कहना है कि उनका लक्ष्य अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट करना और कम से कम 90 सीटें जीतना है। उन्होंने संकेत दिए कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम से भी उम्मीदवार उतार सकती है।
टीएमसी से मतभेद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर और टीएमसी के बीच विवाद उस समय गहरा गया, जब उन्होंने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर एक नई मस्जिद की नींव रखी थी। यह तारीख अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी से जुड़ी है। इसके बाद टीएमसी ने पार्टी नियमों की अवहेलना और विवादित बयानों का हवाला देते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था।
निलंबन के बाद कबीर ने पहले विधायक पद से इस्तीफा देने के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए विधानसभा में बने रहने का फैसला किया। अब नई पार्टी के गठन के साथ हुमायूं कबीर ने साफ कर दिया है कि वे बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे।

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