द देवरिया न्यूज़/नई दिल्ली : दिल्ली के लालकिला धमाका मामले की जांच में एक बड़ा और खतरनाक खुलासा हुआ है। शुरुआत में जहां जांच एजेंसियों को घटनास्थल पर अमोनियम नाइट्रेट मिलने के संकेत मिले थे, वहीं अब इसमें एक और अत्यंत घातक विस्फोटक TATP (Triacetone Triperoxide) का नाम जुड़ गया है। TATP को आतंकी जगत में ‘शैतान की मां’ और ‘चुड़ैल’ जैसे नामों से जाना जाता है क्योंकि यह बेहद अस्थिर, संवेदनशील और क्षण भर में बड़े धमाके का कारण बनने वाला विस्फोटक है। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद सहित कई मॉड्यूल इसका उपयोग करते पाए गए हैं।
TATP के जुड़ने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता कई गुना बढ़ गई है, क्योंकि यह एक ऐसा विस्फोटक है जो जांच प्रणाली से आसानी से बच निकलता है और इसकी तैयारी भी अपेक्षाकृत सरल है।
TATP क्या होता है?
वेबसाइट Science Direct के अनुसार, TATP का पूरा नाम Triacetone Triperoxide है। यह एक क्रिस्टलीय ऑर्गेनिक पेरॉक्साइड है, जो एक साधारण-सी रासायनिक प्रक्रिया से बन जाता है।
इसे बनाने में तीन चीजें लगती हैं—
Acetone (साधारण नेल पॉलिश रिमूवर में भी पाया जाता है)
Hydrogen Peroxide (गाढ़ा हाइड्रोजन पेरॉक्साइड)
एक अम्ल (acid)
इन तीनों के मिश्रण से बनने वाला कंपाउंड सफेद क्रिस्टल या पाउडर की तरह दिखता है, लेकिन यह किसी भी सामान्य विस्फोटक से कई गुना अधिक संवेदनशील होता है।
इतना खतरनाक क्यों है TATP?
TATP की सबसे खतरनाक खासियत यह है कि—
थोड़ी-सी रगड़,
हल्का-सा कंपन,
हल्की गर्मी,
या स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी
भी इसे विस्फोट के लिए ट्रिगर कर सकती है।
इस वजह से यह अपने निर्माता और हैंडल करने वाले के लिए उतना ही खतरनाक होता है जितना कि उसके लक्षित स्थान के लिए।
TATP की shelf life भी बहुत कम होती है। यह जल्दी अस्थिर हो जाता है और फिर अचानक से दोबारा क्रिस्टलाइज होकर धमाका कर सकता है।
TATP जांच में पकड़ में क्यों नहीं आता?
अधिकांश विस्फोटकों में नाइट्रोजन तत्व होता है, लेकिन TATP में नाइट्रोजन नहीं होता।
मौजूदा एयरपोर्ट और सुरक्षा चेकिंग सिस्टम नाइट्रो-आधारित विस्फोटकों को पहचानने के लिए डिजाइन किए जाते हैं, इसलिए TATP स्क्रीनिंग सिस्टम से बच निकल जाता है।
इसी वजह से इसे ‘घोस्ट एक्सप्लोसिव’ की तरह माना जाता है—मतलब इसका पता लगाना बेहद कठिन है।
धमाके की तीव्रता: गैसों के विस्फोट से होता है ‘प्रेग्नेंट ब्लास्ट’
Science Direct का कहना है कि TATP की विस्फोटक शक्ति मुख्य रूप से तीव्र गैस निर्माण से उत्पन्न होती है, न कि आग या तीव्र ऊष्मा से।
जब यह फटता है, तो कुछ ही माइक्रोसेकंड में बड़ी मात्रा में गैसें फैलती हैं।
गैसों का यह अचानक विस्तार भयंकर प्रेशर वेव (प्रघात तरंग) पैदा करता है, जो आसपास की संरचनाओं को भारी क्षति पहुंचाती है।
इसी कारण वैज्ञानिक इसके विस्फोट को ‘Entropy Explosion’ कहते हैं—यानी अचानक एंट्रॉपी बढ़ने के कारण होने वाला धमाका।
आतंकी TATP को IED में क्यों इस्तेमाल करते हैं?
TATP आतंकियों के बीच लोकप्रिय है, इसके तीन मुख्य कारण हैं—
आसान उपलब्धता:
इसका निर्माण एनालॉग केमिकल्स से हो जाता है, जो आसानी से मिलते हैं।बनाने की प्रक्रिया सरल:
इसमें औद्योगिक स्तर के उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती।
साधारण कंटेनर, कांच के जार और बुनियादी टूल्स से भी इसे तैयार किया जा सकता है।पता लगाना बेहद कठिन:
नाइट्रोजन-रहित होने के कारण यह मेटल डिटेक्टर और एक्सप्लोसिव स्कैनर से बच निकल जाता है।
TATP का उपयोग
आत्मघाती जैकेट,
प्रेशर-ट्रिगर बम,
मोटरसाइकिल-IED,
वायरलेस-ट्रिगर IED
तक में किया जाता है।
मात्र कुछ सौ ग्राम TATP भी बड़ा धमाका कर सकता है।
जांच एजेंसियों की बढ़ी चिंता
लालकिला विस्फोट मामले में TATP का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने:
आपूर्तिकर्ताओं की तलाश
कच्चे माल की खरीद के रिकॉर्ड
आतंकी मॉड्यूल के लिंक
अंडरग्राउंड नेटवर्क
को खंगालना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि TATP की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि इस ऑपरेशन के पीछे प्रोफेशनल और प्रशिक्षित आतंकी शामिल थे, क्योंकि इसका निर्माण जोखिम भरा और तकनीकी है।
इसे भी पढ़ें : दिल्ली में गुपचुप तरीके से निकाह: मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी ने रचाई शादी, परिवार में खुशी का माहौल
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































