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नक्सल अभियान के दौरान सांप के काटने से सीआरपीएफ जवान संदीप कुमार शहीद, देवरिया में गम का माहौल

Published on: October 3, 2025
during naxal campaign
द देवरिया न्यूज़ : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन के जवान संदीप कुमार (24 वर्ष) की ड्यूटी के दौरान सांप के काटने से मौत हो गई। बुधवार शाम जंगल में ऑपरेशन के दौरान उन्हें एक कोबरा सांप ने डस लिया। तत्काल साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद संदीप की हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद उनके पैतृक गांव करौता, देवरिया में मातम पसर गया।

2022 में हुई थी भर्ती, बचपन से था देश सेवा का सपना
संदीप कुमार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के करौता गांव के निवासी थे। परिवार के मुताबिक संदीप का बचपन से ही सेना में जाने और देश की सेवा करने का सपना था। वर्ष 2022 में उनकी भर्ती सीआरपीएफ में हुई और प्रशिक्षण के बाद उन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया।
तीन साल की अल्प सेवा अवधि में ही संदीप ने अपनी बहादुरी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से साथियों का दिल जीत लिया था। उनकी शहादत ने पूरे गांव को गर्व और गम से भर दिया है।

जंगल में विषैले सांप भी हैं चुनौती
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को केवल नक्सलियों से ही नहीं, बल्कि जंगल के खतरों से भी जूझना पड़ता है। घने जंगलों में जहरीले सांप और जंगली जानवर भी बड़ी चुनौती होते हैं। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात रहते हुए संदीप कुमार अचानक कोबरा के हमले का शिकार हो गए। उनके साथियों ने तत्काल उन्हें उठाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन विष तेजी से फैलने के कारण स्थिति बिगड़ गई।

पार्थिव शरीर पहुँचा देवरिया, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
संदीप कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह 9:30 बजे विशेष विमान से गोरखपुर एयरपोर्ट लाया गया। यहां सेना, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से देवरिया स्थित पैतृक गांव करौता ले जाया गया। रास्ते भर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर और भारत माता की जय के नारों के बीच शहीद को अंतिम विदाई दी। गांव में जैसे ही संदीप का पार्थिव शरीर पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं साथियों और ग्रामीणों ने उन्हें वीर सपूत बताते हुए सलाम किया।

श्रद्धांजलि और सम्मान
गोरखपुर से लेकर देवरिया तक जवानों और अधिकारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। लोगों ने कहा कि संदीप जैसे वीर जवानों की कुर्बानी कभी भुलाई नहीं जा सकती। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी और कहा कि सरकार व प्रशासन उनके परिवार की हर संभव मदद करेगा।
सीआरपीएफ जवान संदीप कुमार की शहादत ने एक बार फिर साबित किया कि सीमा हो या नक्सल क्षेत्र, हमारे जवान हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश के लिए जान न्यौछावर करने से पीछे नहीं हटते। संदीप भले ही अल्पायु में शहीद हो गए, लेकिन उनका सपना, उनका साहस और उनकी कुर्बानी हमेशा याद रखी जाएगी।

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