द देवरिया न्यूज़ : सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी को एक आपत्तिजनक और धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें न सिर्फ उन्हें, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। यह मेल उस समय आया जब विधायक ने गोरखपुर रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बनी एक मजार पर अवैध कब्जे का मामला उठाया था।
मेल में खुलेआम धमकी: “लाश के चिथड़े उड़ जाएंगे”
Mdseraj813@gmail.com से भेजे गए ईमेल में लिखा गया है—
“इतनी गोलियां मारेंगे कि लाश के चिथड़े उड़ जाएंगे। योगी आदित्यनाथ का भी जो हाल होगा, पूरा इंडिया देखेगा। ओपन चैलेंज है, मजार को छूकर दिखा लो।” इस मेल के सामने आने के बाद विधायक समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
मजार के अवैध विस्तार को लेकर उठाया था मामला
विधायक डॉ. त्रिपाठी ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अवगत कराया था कि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बनी मजार का क्षेत्रफल तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यह मजार बंजर भूमि, कुर्ना नाला और नेशनल हाईवे की सरकारी जमीन पर बनी है, और इसके दायरे को अवैध रूप से बढ़ाया जा रहा है। विधायक ने यह भी बताया कि 28 साल पहले आरएसएस प्रचारक रामनगीना यादव ने इस मजार की वैधता पर सवाल उठाया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। तब से स्थानीय लोग इस मुद्दे पर बोलने से कतराते हैं।
पुराना मामला फिर आया चर्चा में
वर्ष 2017 में भी इस जमीन पर अवैध कब्जे का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें एक लेखपाल सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह विवाद दोबारा सुर्खियों में है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क, विधायक की सुरक्षा बढ़ाई गई
विधायक की शिकायत पर पुलिस और खुफिया विभाग ने धमकी भरे ईमेल की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल डीके सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विधायक की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
विधायक की मांग: अवैध कब्जे की जांच कराकर भूमि खाली कराई जाए
विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विशेष जांच टीम गठित कर मजार की वैधता और भूमि पर कब्जे की स्थिति की पुन: जांच कराई जाए और यदि कब्जा अवैध पाया जाए तो उसे तत्काल हटाया जाए।
इसे भी पढ़े : देवरिया: संदिग्ध न्यायिक आदेश मामले में जांच तेज, नायब तहसीलदार और कानूनगो के खिलाफ केस
➤ You May Also Like
























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































