द देवरिया न्यूज़/भोपाल/देवरिया: भोपाल पुलिस की गिरफ्त में आए देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के मुरारबारी इसारु गांव निवासी विवेक यादव ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पिपलानी इलाके से पकड़े गए विवेक के पास से 500 रुपये के 428 नकली नोट बरामद हुए, जबकि उसके किराए के घर से 30 लाख रुपये से अधिक का रॉ मटेरियल मिला है, जिसका उपयोग नोट छापने में किया जाता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक है कि उसने देवरिया और आसपास के जिलों में भी नकली नोट खपाए हैं। भोपाल पुलिस ने इस संबंध में देवरिया पुलिस से विवेक के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की जानकारी मांगी है।
भोपाल पुलिस की छापेमारी में बड़ा खुलासा
पिपलानी क्षेत्र स्थित विवेक के किराए के कमरे पर छापा मारते हुए पुलिस ने एक मिनी प्रिंटिंग यूनिट जैसी व्यवस्था बरामद की।
पुलिस के अनुसार, विवेक ने नकली नोटों को असली जैसा दिखाने के लिए महंगे और आधुनिक उपकरण खरीदे थे, जिससे उसकी तैयार की गई नकली करेंसी आसानी से बाजार में पकड़ में न आए।
बरामद सामान में शामिल है—
500 रुपये के 428 नकली नोट
नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला उच्च गुणवत्ता का पेपर
प्रिंटिंग प्लेट्स और विशेष प्रकार की इंक
कंप्यूटर और स्कैनिंग उपकरण
मटेरियल जिसकी कीमत 30 लाख रुपये से अधिक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री और टेक्नोलॉजी यह संकेत देती है कि विवेक सिर्फ छोटा खिलाड़ी नहीं, बल्कि किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ हो सकता है।
दुकानदार की सूझबूझ से खुली पूरी पोल
इस पूरे रैकेट का खुलासा एक स्थानीय दुकानदार की समझदारी से हुआ।
कुछ दिन पहले विवेक ने पिपलानी के शांति नगर झुग्गी बस्ती के पास स्थित एक दुकान पर 500 का नकली नोट खर्च किया था। दुकानदार को उस समय संदेह हुआ, लेकिन नोट आगे चल गया।
कुछ दिन बाद जब विवेक फिर उसी दुकान पर नकली नोट लेकर पहुंचा, तो दुकानदार ने उसे तुरंत पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
पिपलानी पुलिस मौके पर पहुंची और बिना देर किए विवेक को पकड़ लिया।
गांव पहुंचते ही हड़कंप, मां–बहन स्तब्ध
विवेक की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही देवरिया के मुरारबारी इसारु गांव पहुंची, ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
गांव के लोग यह सुनकर हैरान हैं कि शांत स्वभाव वाला विवेक इतने बड़े नकली नोट नेटवर्क में शामिल था। गांव में उसकी मां और बहन रहती हैं, जिन्हें यूपी पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि विवेक कई महीने से गांव नहीं आया था और भोपाल में क्या कर रहा था, इसकी किसी को जानकारी नहीं थी।
देवरिया पुलिस सक्रिय — पुराना रिकॉर्ड खंगालना शुरू
भोपाल पुलिस से गिरफ्तारी की खबर मिलते ही देवरिया पुलिस ने भी अपनी जांच तेज कर दी है।
देवरिया पुलिस ने पिपलानी थाने से बरामद नकली नोट, उपकरण और विवेक के बयान से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवेक ने देवरिया में कहीं नकली नोटों की सप्लाई की थी या नहीं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—
“बरामद सामग्री यह संकेत देती है कि विवेक लंबे समय से इस काम में था। हम उसके पुराने संपर्क, बैंकिंग रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण कर रहे हैं।”
क्या अकेले काम कर रहा था विवेक या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विवेक अकेला काम कर रहा था या किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ था।
बरामद रॉ मटेरियल, महंगे उपकरण और नकली नोट छापने की तकनीक बताती है कि मामला काफी बड़ा है। पुलिस को शक है कि कहीं विवेक किसी अंतरराज्यीय नकली नोट सप्लाई चेन का हिस्सा तो नहीं।
भोपाल और देवरिया पुलिस की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि—
मटेरियल उसे कहाँ से मिलता था?
नोट किन-किन इलाकों में खपाए गए?
क्या इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड है?
जल्द ही पूछताछ और तकनीकी जांच से इस पूरे नेटवर्क की और परतें खुलने की उम्मीद है।
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