द देवरिया न्यूज़ : मार्गशीर्ष मास में पड़ने वाली दर्श अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। यह मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस अवधि में पड़ने वाली अमावस्या को शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को पुण्य फल मिलता है। साथ ही कुछ विशेष दान करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर-परिवार में समृद्धि का आगमन होता है।
कब है दर्श अमावस्या?
मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि 19 नवंबर, बुधवार सुबह 9:44 बजे प्रारंभ होकर 20 नवंबर, गुरुवार दोपहर 12:17 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार उदय तिथि पर स्नान-दान, पूजा और पुण्य कार्य करना शुभ माना जाता है। इसलिए दर्श अमावस्या के प्रमुख कर्म 20 नवंबर को किए जाएंगे।
दर्श अमावस्या पर क्या करें दान?
● काले तिल और उड़द दाल का दान
इस दिन जरूरतमंदों को काले तिल और उड़द दाल दान करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और शनि से जुड़े कष्ट दूर हो सकते हैं। माना जाता है कि इससे कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होती है। अमावस्या पर दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
● कंबल का दान
गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को कंबल दान करना विशेष रूप से शुभ बताया गया है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के जीवन में आ रही परेशानियाँ कम होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। कंबल दान से परिवार में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।
● पितरों के लिए दीपदान
अमावस्या तिथि को पितरों का दिन माना जाता है। इसलिए शाम के समय दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाना शुभ कहा गया है। दक्षिण दिशा पितरों की दिशा मानी जाती है, इसलिए यहाँ दीपदान से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इससे मनोकामनाएं पूर्ण होने और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।
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