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राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन की तैयारी, किरेन रिजिजू और प्रह्लाद जोशी का तीखा हमला

Published on: February 12, 2026
Breach of privilege on Rahul Gandhi
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिजिजू ने कहा कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी कर रही है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और बिना ठोस आधार के निराधार बयान दिए, जो संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।

किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही के संचालन तथा सदस्यों के आचरण को लेकर स्पष्ट नियम और प्रक्रियाएं तय हैं। यदि कोई सांसद किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले विधिवत नोटिस देना होता है और संबंधित प्रस्ताव सदन के समक्ष लाना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना, प्रमाण और दस्तावेज के इस तरह के आरोप लगाना संसद की परंपराओं और गरिमा का उल्लंघन है।

रिजिजू ने यह भी बताया कि सदन के भीतर उन्होंने स्वयं राहुल गांधी से आग्रह किया था कि वे अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने और आलोचना करने की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है। सरकार संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी और सदन की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि विपक्ष के नेता संसद के नियमों और परंपराओं को गंभीरता से समझें। जोशी ने कहा कि संसद कोई ऐसा मंच नहीं है जहां निराधार या अप्रमाणित दावे किए जाएं। सदन में बोले गए हर शब्द का संवैधानिक महत्व होता है और उसे तथ्यों, रिकॉर्ड और जिम्मेदारी के साथ रखा जाना चाहिए।

प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे किसी पर आरोप लगाते हैं, तो उन्हें उससे जुड़े दस्तावेज सदन की मेज पर रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप दोहराने से कोई बात सच नहीं हो जाती, हर दावे के साथ प्रमाण और जवाबदेही जरूरी है। केंद्रीय मंत्रियों के इन बयानों से संसद में चल रहा राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।


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