द देवरिया न्यूज़ , लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एक बार फिर राज्यभर में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। समिति ने घोषणा की है कि शुक्रवार से सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन दोबारा शुरू किए जाएंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि वे निजीकरण के साथ-साथ सरकार द्वारा लागू किए जा रहे वर्टिकल सिस्टम को भी किसी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।
समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार वर्टिकल सिस्टम के नाम पर शहरी क्षेत्रों में पुनर्गठन की प्रक्रिया चला रही है, जिसके तहत कर्मचारियों और इंजीनियरों के पदों में भारी कटौती की जा रही है। यह निजीकरण को लागू करने की “दूसरी रणनीति” है।
निजीकरण की तैयारी का आरोप
संघर्ष समिति ने कहा कि पहले पदों को घटाकर विभाग की कार्यक्षमता को कमजोर किया जा रहा है। इसके बाद “कामकाज प्रभावित होने” का हवाला देकर शहरी क्षेत्रों को निजी कंपनियों को सौंपने की योजना है।
पदाधिकारियों ने उदाहरण देते हुए कहा कि मध्यांचल क्षेत्र में पहले से ही लेसा (LESa) और केस्को (KESCO) में पदों की कटौती शुरू कर दी गई है, और अब वही प्रक्रिया पश्चिमांचल व अन्य निगमों में भी दोहराई जा रही है।
“सरकार सुनियोजित तरीके से बिजली विभाग को कमजोर कर रही है ताकि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके,” समिति ने कहा।
इस तरह घटेंगे पद: लखनऊ लेसा का उदाहरण
केंद्रीय पदाधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से सिर्फ लखनऊ के लेसा में ही करीब 2055 नियमित पद और 6000 संविदा कर्मियों के पद समाप्त हो जाएंगे।
समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यह निर्णय मनमाना है और इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में समिति ने पदों की संख्या और कटौती का विस्तृत विवरण भी दिया है —
| पद का नाम | वर्तमान स्वीकृत पद | पुनर्गठन के बाद बचे पद |
|---|---|---|
| अधीक्षण अभियंता | 12 | 8 |
| अधिशासी अभियंता | 50 | 35 |
| सहायक अभियंता | 109 | 86 |
| अवर अभियंता | 287 | 142 |
| टीजी-2 | 1852 | 503 |
| अकाउंटेंट | 104 | 53 |
| एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट | 686 | 280 |
| कैंप असिस्टेंट | 74 | 1 |
दीपावली पर रुका था आंदोलन, अब फिर सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी
संघर्ष समिति ने बताया कि दीपावली पर्व के दौरान कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने पर अब दोबारा विरोध शुरू किया जा रहा है।
“हमने उम्मीद की थी कि सरकार बातचीत कर कोई समाधान निकालेगी, लेकिन अब मजबूरन फिर से आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है,” समिति के एक पदाधिकारी ने कहा।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विभागीय पुनर्गठन की समीक्षा करने और हजारों पदों की कटौती रोकने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो राज्यभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसे भी पढ़ें : देवरिया: प्रधान पति से विवाद में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत, गांव में तनाव, परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































