Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

अटल बिहारी वाजपेयी लोकतंत्र के संरक्षक और सुशासन के प्रेरक थे: पीयूष गोयल

Published on: December 28, 2025
Atal Bihari Vajpayee Democracy
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर उन्हें विशेष अंदाज में याद करते हुए कहा कि वाजपेयी केवल एक सफल राजनेता नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र के संरक्षक और सुशासन के प्रतीक थे। टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे अपने लेख में गोयल ने कहा कि साहस और करुणा, दृढ़ता और समावेशिता तथा राष्ट्रवाद और मानवता—इन सभी मूल्यों का संतुलित संगम वाजपेयी के व्यक्तित्व में दिखाई देता था, जो आज भी मोदी सरकार के परिवर्तनकारी कदमों को प्रेरित करता है।
पीयूष गोयल ने लिखा कि वाजपेयी का जीवन इस विश्वास का उदाहरण है कि शासन प्रभावी, भ्रष्टाचार-मुक्त और आम आदमी की चिंता पर आधारित हो सकता है। यही कारण है कि उनका जन्मदिन 25 दिसंबर ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उनकी सादगी, शालीनता, संवेदनशीलता और शायरी ने उन्हें हर पीढ़ी में लोकप्रिय बनाया।
अपने निजी संस्मरण साझा करते हुए गोयल ने बताया कि बचपन में मुंबई स्थित उनके घर में वाजपेयी के नियमित प्रवास की मधुर यादें आज भी उनके साथ हैं। उन्होंने वाजपेयी के मानवीय और सहज स्वभाव का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह वे बच्चों से आत्मीयता से पेश आते थे और हर किसी को सहज महसूस कराते थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वाजपेयी भारत की सभ्यतागत चेतना में रचे-बसे नेता थे। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिंदी में संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने—एक परंपरा जिसे बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया। वाजपेयी के कार्यकाल में परमाणु परीक्षण जैसे साहसिक फैसले और साथ ही अंत्योदय अन्न योजना, सर्वशिक्षा अभियान जैसे जनकल्याणकारी कदम उनकी दूरदर्शिता को दर्शाते हैं।
गोयल ने लिखा कि वाजपेयी का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार करना था। बैंकिंग, दूरसंचार, बीमा और सार्वजनिक उपक्रमों में सुधारों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार उनकी सोच का प्रमाण है। आज प्रधानमंत्री मोदी उन्हीं सुधारों को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहे हैं।
लेख के अंत में पीयूष गोयल ने वाजपेयी की ऐतिहासिक पंक्ति—“अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा”—को याद करते हुए कहा कि भाजपा के लिए अटल जी केवल अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के नैतिक मार्गदर्शक हैं, जिनके सपनों को आज का भारत साकार कर रहा है।

इसे भी पढ़ें : गृह विभाग मिलने के बाद भी ‘किंग’ क्यों बने रहे नीतीश कुमार? सम्राट चौधरी की सीमित ताकत की पूरी कहानी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply