सरकार ‘हकीकत से कटी हुई’—सागरिका घोष
इससे पहले राज्यसभा में TMC की उपनेता सागरिका घोष ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार देश में एलपीजी की कमी को स्वीकार ही नहीं कर रही है और आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है।
घोष ने कहा, “देशभर में छोटे होटल, रेस्टोरेंट, लघु उद्योग, मजदूर, गृहिणियां और छात्र—सभी इस संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है।”
‘घबराइए मत’ कहना समाधान नहीं
उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि “सरकार सिर्फ ‘घबराइए मत’ कह रही है, जबकि असल समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं दिख रहा।” घोष ने पूछा कि अगर संकट की आशंका थी तो पहले से एलपीजी का पर्याप्त भंडारण क्यों नहीं किया गया।
संकट या सरकार की नाकामी?
TMC ने इसे सिर्फ आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि सरकार की “नीतिगत विफलता” बताया। पार्टी का कहना है कि यह स्थिति सरकार की तैयारी की कमी और प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर करती है।
संसद के बाहर बैठक पर भी सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई बैठक का भी बहिष्कार किया। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब संसद सत्र चल रहा है तो इस मुद्दे पर चर्चा सदन के भीतर क्यों नहीं की जा रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति और आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है, जिस पर सियासत भी तेज होती जा रही है।