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मेडागास्कर में सत्ता पलट: राष्ट्रपति राजोइलिना देश छोड़कर भागे, सेना ने संभाली कमान

Published on: October 15, 2025
overthrow of power in madagascar
द देवरिया न्यूज़ , अंतानानारिवो (मेडागास्कर)। द्वीपीय देश मेडागास्कर में पिछले कई हफ्तों से चल रहे जनता के व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने आखिरकार देश की सत्ता को हिला दिया है। राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना देश छोड़कर भाग गए हैं, और मंगलवार को सेना ने सरकार का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया।
देश की एक विशेष सैन्य टुकड़ी के कर्नल माइकल ने घोषणा की कि सशस्त्र बलों ने सत्ता अपने हाथ में ले ली है और जल्द ही एक सैन्य परिषद बनाई जाएगी, जिसमें आर्मी और जेंडरमेरी (कानून-व्यवस्था बल) के अधिकारी शामिल होंगे। यह परिषद एक नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेगी, जो तुरंत नागरिक सरकार का गठन करेगा।
कर्नल माइकल ने कहा,
“सेना देश की स्थिरता और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। जल्द ही एक अंतरिम प्रशासन बनाया जाएगा ताकि लोकतंत्र की बहाली की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।”

राष्ट्रपति ने संसद भंग कर छोड़ा देश
सत्ता पलट से पहले ही राष्ट्रपति राजोइलिना ने संसद के निचले सदन को भंग करने का आदेश जारी कर दिया था। राष्ट्रपति कार्यालय के फेसबुक पेज पर जारी एक बयान में कहा गया कि उन्होंने “राष्ट्रीय सभा को तत्काल प्रभाव से भंग करने” का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, सप्ताहांत में जब सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सेना की एक विशेष इकाई भी शामिल हो गई, तो राष्ट्रपति ने सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा —

“मुझे अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, इसलिए मैंने देश छोड़ दिया है।”

वह वर्तमान में कहां हैं, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

बिजली और पानी की कमी बनी चिंगारी
राजधानी अंतानानारिवो और अन्य शहरों में 25 सितंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन शुरू में सिर्फ बिजली और पानी की कमी को लेकर थे। लेकिन जल्द ही ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और असमानता के खिलाफ एक देशव्यापी जनआंदोलन में बदल गए।
युवाओं के नेतृत्व वाले इस आंदोलन को “जेन-जेड मेडागास्कर” नाम दिया गया, जो कई महाद्वीपों में फैले जनरेशन-ज़ेड के आंदोलनों से प्रेरित बताया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अब तक की हिंसा में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बढ़ते संकट के बीच अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को “अस्थिर हालात के बीच घर में ही रहने” की सलाह दी है।
अफ्रीकी संघ (एयू) ने भी सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और “संविधान व्यवस्था बहाल करने” की अपील की है।
अफ्रीकी संघ के प्रवक्ता ने कहा —
“मेडागास्कर को लोकतांत्रिक रास्ते पर वापस लाने के लिए सभी पक्षों को संयम दिखाना होगा।”

देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति
मेडागास्कर की स्थिति लंबे समय से बेहद दयनीय है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 1960 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से 2020 तक देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
देश की करीब 3 करोड़ आबादी में से तीन-चौथाई गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है।
यह भी गौर करने वाली बात है कि मेडागास्कर में औसत आयु 20 वर्ष से भी कम है — यानी देश की अधिकांश आबादी युवा है, जो बेरोजगारी और संसाधनों की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

एक और नेता सत्ता से बाहर
राजोइलिना अब उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्हें जनरेशन-ज़ेड के नेतृत्व वाले आंदोलनों के दबाव में सत्ता छोड़नी पड़ी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ मेडागास्कर का संकट नहीं, बल्कि “नए युग की युवा पीढ़ी द्वारा पुरानी राजनीतिक संरचनाओं को चुनौती” है।
फिलहाल देश की बागडोर सेना के हाथों में है और दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि मेडागास्कर अगला कदम लोकतंत्र की ओर बढ़ाएगा या एक और लंबे सैन्य शासन की ओर जाएगा।

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