Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

भारतीय नागरिकता छोड़ विकसित देशों की ओर – OECD रिपोर्ट में भारत पहले स्थान पर

Published on: November 5, 2025
Gave up Indian citizenship and developed

द देवरिया न्यूज़ ,नई दिल्ली: भारत के लोग विकसित देशों की नागरिकता हासिल करने में सबसे आगे निकल गए हैं। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलेपमेंट (OECD) की नई रिपोर्ट “इंटरनेशनल माइग्रेशन आउटलुक 2025” के अनुसार, साल 2023 में करीब 2.25 लाख भारतीयों ने OECD सदस्य देशों की नागरिकता प्राप्त की। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, और इस सूची में भारत ने दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है।

विकसित देशों की ओर बढ़ता भारतीय रुझान

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2023 में कुल 28 लाख लोगों ने OECD देशों की नागरिकता ली, जो 2022 की तुलना में थोड़ा अधिक है। इनमें भारत पहले स्थान पर है, जबकि फिलीपींस दूसरे (1.32 लाख नागरिक) और चीन तीसरे स्थान पर (92,400 नागरिक) रहा। दिलचस्प बात यह है कि भारत लगातार दूसरे वर्ष भी OECD देशों में नए नागरिकों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है।

कनाडा बनी भारतीयों की पहली पसंद

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा भारतीयों ने कनाडा की नागरिकता ली। 2023 में 78,487 भारतीय कनाडाई नागरिक बने, जबकि 2022 में यह संख्या 59,405 थी। दस साल पहले यानी 2013 में यह आंकड़ा मात्र 15,388 था। रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा की स्थिर नीतियां, स्थायी निवास की तेज प्रक्रिया और पिछले दशक में वहां बसे भारतीय पेशेवरों की बड़ी आबादी ने इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2024 में यह संख्या घट सकती है, क्योंकि कनाडा में बढ़ती महंगाई, आवास संकट, सख्त इमिग्रेशन नीतियां और भारत-कनाडा के बीच बढ़ते तनाव का असर दिखाई दे सकता है।

अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी भारतीयों की सूची में शामिल

कनाडा के बाद सबसे ज्यादा भारतीयों ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता ली है।

  • अमेरिका में 52,360 भारतीय 2023 में नागरिक बने, जबकि 2022 में यह संख्या 66,670 थी।

  • ऑस्ट्रेलिया में 40,361 भारतीय नागरिक बने, जो 2022 के 30,160 की तुलना में काफी अधिक है।

इन तीन देशों — कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया — में ही कुल 1.71 लाख भारतीयों ने नागरिकता प्राप्त की, जो 2023 में नागरिकता लेने वाले कुल भारतीयों का लगभग 76 प्रतिशत है।

शिक्षा और रोजगार के लिए बढ़ रहा प्रवास

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2023 में करीब 6 लाख भारतीय काम या पढ़ाई के लिए OECD देशों में गए, जो 2022 के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। सबसे ज्यादा भारतीय ब्रिटेन गए — करीब 1.44 लाख। इनमें बड़ी संख्या हेल्थ एंड केयर वर्कर वीजा के तहत गई, यानी भारत के प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा, कनाडा में भी करीब 1.4 लाख भारतीय नए प्रवासी पहुंचे, जबकि अमेरिका जाने वालों की संख्या घटकर 68,000 रह गई।

चीन से भी तेजी से हो रहा प्रवास

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि चीन से भी विदेशों में बसने वालों की संख्या बढ़ी है। 2023 में लगभग 3.7 लाख चीनी नागरिक OECD देशों में गए, जिनमें सबसे ज्यादा अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पहुंचे।

क्या कहती है रिपोर्ट

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारत और चीन जैसे एशियाई देशों से उच्च शिक्षित, तकनीकी और पेशेवर वर्ग के लोग तेजी से विकसित देशों का रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति बताती है कि बेहतर अवसर, उच्च आय और स्थिर जीवन के आकर्षण ने भारतीयों को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भारत अपने यहां रोजगार, शिक्षा और जीवन गुणवत्ता में सुधार लाता है, तो ब्रेन ड्रेन (Brain Drain) की यह प्रवृत्ति धीमी हो सकती है। फिलहाल, भारतीयों का दुनिया के सबसे विकसित देशों में स्थायी रूप से बसना तेजी से बढ़ता जा रहा है — जो भारत की वैश्विक प्रतिभा शक्ति को दर्शाता भी है और घरेलू अवसरों की कमी को भी उजागर करता है।


इसे भी पढ़ें : दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: एफएसएसएआई के ‘ओआरएस लेबलिंग प्रतिबंध’ पर हस्तक्षेप से किया इनकार

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply