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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान भी कर रहा परमाणु परीक्षण, अमेरिका दोबारा शुरू करेगा टेस्टिंग

Published on: November 4, 2025
Donald Trump's big revelation

द देवरिया न्यूज़ : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान उन देशों की सूची में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश लगातार अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ने वर्षों पहले यह प्रक्रिया रोक दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में अब अमेरिका को भी दोबारा अपने परमाणु परीक्षण शुरू करने की जरूरत महसूस हो रही है।

सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम ‘60 मिनट्स’ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “रूस परीक्षण कर रहा है, चीन भी परीक्षण कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में खुलकर बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं। जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो हमें भी करना होगा।” उन्होंने आगे कहा कि उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है और पाकिस्तान भी इसमें शामिल है। “अगर वे सब कर रहे हैं, तो हम क्यों नहीं?” — ट्रंप ने कहा।

रूस, चीन और उत्तर कोरिया पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने कहा कि हाल ही में रूस ने कई उन्नत परमाणु तकनीकों और हथियारों का परीक्षण किया है। इनमें ‘पोसाइडन अंडरवॉटर ड्रोन’ जैसी नई तकनीक भी शामिल है, जो दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में गिनी जाती है। उन्होंने कहा कि रूस और चीन लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन अमेरिका इस मामले में पीछे रह गया है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका 30 साल बाद फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करेगा, तो ट्रंप ने स्पष्ट कहा, “हां, क्योंकि हमें देखना होगा कि हमारे हथियार कितने कारगर हैं। रूस और चीन परीक्षण कर रहे हैं, उत्तर कोरिया लगातार कर रहा है, और पाकिस्तान भी। हम ही एकमात्र देश हैं जो परीक्षण नहीं कर रहे, और मैं नहीं चाहता कि ऐसा रहे।”

“अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार”

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया में किसी भी देश से ज्यादा परमाणु हथियार हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पास इतने हथियार हैं कि हम दुनिया को 150 बार नष्ट कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से परमाणु हथियारों की संख्या घटाने पर चर्चा की थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

ट्रंप ने कहा कि अगर दूसरे देश अपने परमाणु परीक्षणों को जारी रखते हैं, तो अमेरिका को भी अपनी सुरक्षा और तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए परीक्षण फिर से शुरू करने होंगे। उन्होंने कहा, “हम केवल बैठकर नहीं देख सकते कि बाकी देश हमें तकनीकी रूप से पीछे छोड़ दें।”

चीन से मुलाकात से पहले आया ट्रंप का बयान

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे जल्द ही दक्षिण कोरिया में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही अमेरिका में परमाणु परीक्षण दोबारा शुरू करने की घोषणा की थी। यह घोषणा उनकी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले आई, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका, चीन और रूस के बीच तनाव और हथियारों की दौड़ एक बार फिर तेज हो सकती है।

ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका ने परमाणु परीक्षण की तैयारियां पहले से शुरू कर दी हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि परीक्षण कब और कहां किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम यह परीक्षण करेंगे, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसकी तारीख और स्थान का खुलासा नहीं किया जा सकता।”

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने आशंका जताई है कि अगर अमेरिका परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करता है, तो रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश भी अपनी गतिविधियां तेज कर सकते हैं, जिससे वैश्विक परमाणु संतुलन खतरे में पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले तीन दशकों में जबसे अमेरिका ने परीक्षण रोका था, तबसे विश्व में परमाणु हथियार नियंत्रण के प्रयासों को बल मिला था। अगर यह प्रक्रिया फिर शुरू होती है, तो यह “परमाणु हथियारों की नई दौड़” की शुरुआत हो सकती है। अंत में ट्रंप ने कहा, “हम किसी पर हमला नहीं करना चाहते, लेकिन हम अपने देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। जब बाकी देश अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं, तो अमेरिका भी पीछे नहीं रह सकता।”

इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौकन्ना कर दिया है और अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में क्या कदम उठाता है।


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