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भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बांग्लादेश बेचैन, यूनुस सरकार की ‘सीक्रेट डील’ पर उठे सवाल

Published on: February 6, 2026
Bangladesh from India-US trade deal

द देवरिया न्यूज़,ढाका : भारत और अमेरिका के बीच हुए बहुचर्चित व्यापार समझौते के बाद बांग्लादेश सरकार की चिंता बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा के तुरंत बाद बांग्लादेश भी अमेरिका के साथ जल्द से जल्द समझौता करने की कोशिश में जुट गया है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अमेरिका के साथ इस ट्रेड एग्रीमेंट को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इसे 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले साइन करना चाहती है। इसी गोपनीयता और जल्दबाजी को लेकर अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


एक्सपर्ट्स का सवाल: चुनाव से पहले इतनी हड़बड़ी क्यों?

विशेषज्ञों का कहना है कि यूनुस सरकार का मूल कार्य सिर्फ चुनाव कराना था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि:

  • अमेरिका के साथ बड़ी ट्रेड डील की इतनी जल्दी क्यों है?

  • इसे चुनाव के बाद बनने वाली चुनी हुई सरकार के लिए क्यों नहीं छोड़ा गया?


टेक्सटाइल सेक्टर में चिंता की लहर

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित सीक्रेट डील ने बांग्लादेश के निर्यातक संगठनों और टेक्सटाइल उद्योग को चिंता में डाल दिया है।

बांग्लादेश से अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात में करीब 90 फीसदी हिस्सा रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल उत्पादों का है। उद्योग जगत को डर है कि अगर समझौते की शर्तें अमेरिका के पक्ष में रहीं, तो इससे बांग्लादेश के निर्यात पर भारी असर पड़ सकता है।


पहले से दबाव में है गारमेंट उद्योग

बांग्लादेशी कारोबारियों का कहना है कि:

  • बीते साल डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से टेक्सटाइल सेक्टर पहले ही कमजोर हो चुका है

  • ऐसे समय में अगर नई डील ने हालात और बिगाड़े, तो इसका सीधा असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा

कारोबारियों को आशंका है कि ट्रंप प्रशासन की नजर बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट्स एक्सपोर्ट पर है।


डील की वैधता पर भी सवाल

विशेषज्ञ इस समझौते की संवैधानिक और नैतिक वैधता पर भी सवाल उठा रहे हैं।
मोहम्मद यूनुस को अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के हटने के बाद अंतरिम प्रमुख बनाया गया था। उनकी सरकार का दायित्व चुनाव कराना था, न कि दीर्घकालिक आर्थिक फैसले लेना।

काफी देरी के बाद यूनुस सरकार ने 12 फरवरी को चुनाव कराने का ऐलान किया। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले ट्रेड डील में दिलचस्पी संदेह पैदा कर रही है।


9 फरवरी को हो सकती है डील

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका–बांग्लादेश ट्रेड डील 9 फरवरी को साइन की जा सकती है, जबकि 12 फरवरी को चुनाव होने हैं।
इसी वजह से यह सवाल और गहराता जा रहा है कि अंतरिम सरकार इसे जल्दबाजी में क्यों आगे बढ़ा रही है।


अमेरिका से रिश्तों ने बढ़ाया शक

बांग्लादेश में इस डील को लेकर शक की एक वजह यूनुस के अमेरिका से करीबी संबंध भी बताए जा रहे हैं।
बांग्लादेशी अर्थशास्त्री अनु मोहम्मद के अनुसार:

  • चुनाव से कुछ दिन पहले एक बंदरगाह को लीज पर देने

  • और हथियार आयात से जुड़े समझौते

ने अमेरिका के साथ हो रही इस कथित सीक्रेट डील को लेकर संदेह और गहरा कर दिया है।


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