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बघौचघाट : दिव्यांग युवक ने की आत्महत्या, बंद स्कूल में फंदे से लटकता मिला शव

Published on: November 23, 2025
Baghauchghat Disabled youth committed

द देवरिया न्यूज़/बघौचघाट। थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मस्जिदिया गांव के एक दिव्यांग युवक ने बंद पड़े स्कूल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। दो दिनों से लापता चल रहे युवक का शव शनिवार को ग्रामीणों को स्कूल के अंदर फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की जेब से मिला सुसाइड नोट इस घटना को और भी दर्दनाक बना गया।

मृतक की पहचान रामप्रवेश विश्वकर्मा, पुत्र अवधेश विश्वकर्मा, निवासी मस्जिदिया के रूप में हुई। परिजनों के मुताबिक, रामप्रवेश पिछले दो दिनों से घर से अचानक गायब था। परिवार खोजबीन में लगा था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह जब ग्रामीण बंद पड़े प्राथमिक स्कूल पहुँचे तो वहां उसका शव फंदे से झूलता मिला, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।


सुसाइड नोट में लिखा—‘मेरे परिवार का कोई दोष नहीं’

युवक के पास से पुलिस को एक पर्ची मिली, जिसमें उसने आत्महत्या की पुष्टि की और लिखा कि उसके इस कदम के लिए परिवार को जिम्मेदार न ठहराया जाए। थाना प्रभारी विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है और आत्महत्या की पुष्टि हो चुकी है।


दुर्घटना ने छीनी जिंदगी की रफ्तार, रिश्ते भी टूटे

कुछ साल पहले रामप्रवेश एक ट्रेन हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें उसका पैर कट गया। तभी से उसकी जिन्दगी संघर्षों से भर गई। परिवार के अनुसार, शारीरिक विकलांगता के बाद उसकी पत्नी से भी संबंध बिगड़ गए और दोनों अलग हो गए। इस सदमे के बाद वह भीतर से टूट गया और हमेशा तनाव में रहने लगा।


भजन-कीर्तन से कर रहा था गुजर-बसर

ग्रामीणों के अनुसार, दुर्घटना के बाद रामप्रवेश शारीरिक श्रम करने में असमर्थ हो गया था। उसने भजन-कीर्तन गाकर जीवन यापन शुरू किया। गांव के लोग बताते हैं कि वह शांत स्वभाव का था और अकेलेपन में जीता था। आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर थी। उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार में तीन भाई हैं, जिसमें रामप्रवेश सबसे बड़ा था। उसके दोनों छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं।


मां का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद गांव में मातम फैल गया। घर पर मां निर्मला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन परिवार गहरे सदमे में है। गांववाले बताते हैं कि रामप्रवेश हमेशा खुश रहने की कोशिश करता था, लेकिन भीतर के दर्द से किसी को अवगत नहीं कराता था।


पुलिस जांच जारी

थाना प्रभारी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि होगी। सुसाइड नोट को भी फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा जा सकता है।


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