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साक्ष्यों के अभाव में आज़म ख़ां बरी: 6 साल पुराने भड़काऊ भाषण मामले में कोर्ट का फैसला

Published on: November 12, 2025
Azam Khan due to lack of evidence

द देवरिया न्यूज़ : सिविल लाइंस थाने में दर्ज 6 वर्ष पुराने भड़काऊ भाषण मामले में मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला आया। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खां को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

मामला क्या था?

यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था।
तत्कालीन एसडीएम सदर पी.पी. तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आजम खां ने चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था, जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ।

मामला सिविल लाइंस थाने में दर्ज होने के बाद एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन रहा।

फैसले से पहले की कार्यवाही

  • अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की तरफ से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी।

  • मंगलवार दोपहर आजम खां स्वयं कोर्ट पहुंचे।

  • मजिस्ट्रेट शोभित बंसल ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया।

कोर्ट का फैसला

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि—

मामले में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। ऐसे में अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

इस आधार पर मजिस्ट्रेट ने आजम खां को बरी कर दिया।

क्यों है फैसला महत्वपूर्ण?

आजम खां के खिलाफ वर्षों से कई मामले चल रहे हैं। यह केस चुनाव आचार संहिता और भड़काऊ भाषण से जुड़ा था, जिसे लेकर राजनीति और प्रशासन दोनों की नज़रें फैसले पर थीं। यह फैसला आजम खां के लिए राहत का सबब माना जा रहा है।


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