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पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अमेरिका ने उठाए सवाल, भारत और पीएम मोदी पर जताया भरोसा

Published on: March 28, 2026
America on Pakistan's mediation
द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट के बीच खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिशों को अमेरिका से खास समर्थन नहीं मिला है। अमेरिकी जियोपॉलिटिकल रिस्क एडवाइजर और पूर्व आर्मी अधिकारी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे “खुद एक समस्या” करार दिया है।
डगलस मैकग्रेगर ने कहा कि पाकिस्तान आर्थिक और आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में उससे मध्यस्थता की उम्मीद करना अव्यावहारिक है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “पाकिस्तान से मदद मांगना ऐसा है जैसे किसी जलते हुए घर में रहने वाले व्यक्ति से खाली कमरा मांगना।” उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल जैसे देश पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करेंगे कि वह निष्पक्ष रह पाएगा।

भारत को बताया भरोसेमंद विकल्प

मैकग्रेगर ने भारत को इस संकट में एक भरोसेमंद मध्यस्थ बताया। उनके अनुसार, भारत के विभिन्न वैश्विक शक्तियों के साथ संतुलित संबंध हैं, जो उसे बातचीत आगे बढ़ाने की मजबूत स्थिति में रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे नेता हैं, जिन पर वैश्विक स्तर पर भरोसा और सम्मान है।

ट्रंप के बयान से भी मिले संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेतों में पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि “काम पूरा करने वाले लोग कम होते हैं, और पीएम मोदी उनमें से एक हैं।” हाल ही में ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत भी हुई है, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई।

खाड़ी देशों और इजरायल का भी भारत पर भरोसा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्व राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने भी कहा कि पीएम मोदी की पहल से युद्ध रुक सकता है। वहीं, भारत में इजरायल के राजदूत रुविन अजार ने भी माना कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संतुलित विदेश नीति, अमेरिका, रूस, इजरायल और ईरान जैसे देशों के साथ अच्छे संबंध और वैश्विक मंच पर बढ़ती साख उसे इस संकट में अहम भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाती है। देश के भीतर भी कई राजनीतिक नेताओं ने सुझाव दिया है कि भारत को इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सके।

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