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बारामती प्लेन क्रैश को लेकर वायरल दावा भ्रामक, विमान हादसों की असल वजहों पर क्या कहती हैं रिपोर्टें?

Published on: January 29, 2026
Viral claim regarding Baramati plane crash

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर महाराष्ट्र के बारामती में उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे को लेकर भ्रामक दावे सामने आए हैं। हालांकि, ऐसी किसी घटना की न तो DGCA और न ही AAIB की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि है। जिम्मेदार एजेंसियों के अनुसार, किसी भी विमान हादसे की जानकारी केवल आधिकारिक बयान और जांच के बाद ही सार्वजनिक की जाती है।

इस बीच, विमान दुर्घटनाओं को लेकर एविएशन सेफ्टी एजेंसियों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि दुनियाभर में होने वाले अधिकतर विमान हादसों के पीछे कई सामान्य कारण होते हैं, जिनकी पहचान विस्तृत जांच के बाद ही की जाती है।

लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान सबसे अधिक खतरा

एविएशन सेफ्टी से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा विमान हादसे टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान होते हैं। वर्ष 2023 में दर्ज दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या इन दोनों चरणों से जुड़ी पाई गई थी। कम ऊंचाई और सीमित प्रतिक्रिया समय के कारण इन चरणों में जोखिम अधिक रहता है।

तकनीकी खामी बड़ी वजह

यूरोपियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में करीब 90 प्रतिशत विमान दुर्घटनाओं में तकनीकी खराबी एक अहम कारण मानी जाती है। इंजन फेलियर, लैंडिंग गियर या नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी से हादसे की स्थिति बन सकती है।

पायलट की भूमिका और मानवीय चूक

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान के दौरान पायलट की ट्रेनिंग, निर्णय क्षमता और कॉकपिट रिसोर्स मैनेजमेंट बेहद अहम होता है। उड़ान की योजना, मौसम का सही आकलन और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय सुरक्षित उड़ान की बुनियाद हैं। कई मामलों में मानवीय त्रुटि भी हादसों का कारण बनती है।

खराब मौसम से बढ़ता है जोखिम

घना कोहरा, तेज बारिश, तूफान या बादलों के बीच उड़ान के दौरान जोखिम बढ़ जाता है। मौसम के अनुसार विमान को विज़ुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) या इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत संचालित किया जाता है, जिसके लिए विशेष कौशल की जरूरत होती है।

ATC की भूमिका भी अहम

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) विमानों के सुरक्षित टेकऑफ, लैंडिंग और हवाई यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गलत निर्देश या संचार में चूक गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

बर्ड स्ट्राइक भी बनता है कारण

Travel Radar की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में हर दिन बर्ड स्ट्राइक के औसतन 150 मामले सामने आते हैं। कई घटनाएं रिपोर्ट नहीं हो पातीं, लेकिन पक्षियों के इंजन से टकराने पर तकनीकी खराबी की आशंका रहती है।

जांच के बाद ही सामने आती है सच्चाई

भारत में विमान हादसों की जांच AAIB द्वारा की जाती है, जबकि DGCA सुरक्षा मानकों की निगरानी करता है। किसी भी घटना की वास्तविक वजह ब्लैक बॉक्स डेटा और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होती है।


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