द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का कोई उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे अनारक्षित यानी जनरल कैटेगरी की सीट पर नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
मेधावी आरक्षित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को आरक्षित वर्ग के मेधावी उम्मीदवारों की बड़ी जीत माना जा रहा है। इससे सरकारी नौकरियों में ‘जनरल कैटेगरी’ की परिभाषा को नए सिरे से स्पष्ट किया गया है। यह फैसला राजस्थान हाई कोर्ट से जुड़े एक मामले में सुनाया गया, जहां यह नियम तय किया गया था कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार जनरल सीट पर नियुक्त नहीं हो सकते, भले ही उनके अंक सामान्य कट-ऑफ से अधिक हों।
‘दोहरा लाभ’ की दलील खारिज
राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से यह तर्क दिया गया था कि यदि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को जनरल सीट पर चयन की अनुमति दी गई, तो उन्हें ‘दोहरा लाभ’ मिलेगा—एक आरक्षण के जरिए और दूसरा सामान्य श्रेणी के माध्यम से। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ ने कहा कि योग्यता को उसका उचित महत्व दिया जाना चाहिए और केवल आरक्षण की उपलब्धता के आधार पर किसी योग्य उम्मीदवार को अनारक्षित सीट से वंचित नहीं किया जा सकता।
ओपन कैटेगरी सभी के लिए है
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 1992 के ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले का हवाला देते हुए कहा कि ‘ओपन कैटेगरी’ का अर्थ ही यह है कि वह सभी के लिए खुली है। जस्टिस दत्ता ने टिप्पणी की, “ओपन कैटेगरी किसी विशेष जाति या वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होती। यह सभी योग्य उम्मीदवारों के लिए होती है।”
भर्ती प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
अदालत ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट गाइडलाइंस भी जारी की हैं—
यदि लिखित परीक्षा में कोई आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार जनरल कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो इंटरव्यू और आगे की प्रक्रिया में उसे सामान्य श्रेणी का उम्मीदवार माना जाएगा।
लेकिन यदि अंतिम मेरिट सूची में उसका स्कोर जनरल कैटेगरी के निर्धारित कट-ऑफ से कम रह जाता है, तो उसे अपनी मूल आरक्षित श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
इस फैसले से न केवल भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि योग्यता के आधार पर चयन की संवैधानिक भावना को भी मजबूती मिलेगी।
इसे भी पढ़ें : देवरिया में अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, लग्जरी कार से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद, दो गिरफ्तार
➤ You May Also Like








































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































