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राज्यसभा में SHANTI विधेयक 2025 पर जयराम रमेश का हमला, बोले– 2008 के परमाणु करार का सबसे ज्यादा विरोध BJP ने ही किया था

Published on: December 19, 2025
SHANTI Bill 2025 in Rajya Sabha

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। राज्यसभा में ‘परमाणु ऊर्जा रूपांतरण विधेयक (SHANTI विधेयक 2025)’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा को लेकर सरकार आज जो रास्ता अपना रही है, उसकी नींव 2008 के भारत-अमेरिका परमाणु करार से पड़ी थी, जिसका उस समय सबसे ज्यादा विरोध बीजेपी ने ही किया था।

जयराम रमेश ने कहा,
“2008 में जब भारत और अमेरिका के बीच परमाणु समझौता हुआ था, तब बीजेपी ने कहा था कि परमाणु ऊर्जा का कोई भविष्य नहीं है। उसी करार की वजह से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दरवाजे खुले और आज जो ‘परमाणु ऊर्जा रूपांतरण विधेयक’ लाया गया है, वह उसी प्रक्रिया का परिणाम है।”

2014 के बाद ही सब कुछ हुआ, यह भ्रम: जयराम

कांग्रेस सांसद ने 2014 के बाद के भारत का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी यह बताने की कोशिश करती है कि देश में स्पेस और परमाणु कार्यक्रमों में सारी प्रगति 2014 के बाद ही हुई।
उन्होंने कहा,
“हकीकत यह है कि कांग्रेस के 20 साल के शासनकाल में ही स्पेस और परमाणु सेक्टर को मजबूत आधार मिला। अटल बिहारी वाजपेयी भी कांग्रेस सरकारों के परमाणु कार्यक्रमों का उल्लेख कर चुके हैं। मौजूदा सरकार को उनसे सीख लेनी चाहिए।”

SHANTI विधेयक 2025 पर कड़ी आपत्ति

जयराम रमेश ने दिसंबर 2025 में पेश किए गए SHANTI विधेयक 2025 की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बिल मौजूदा कानूनों—

  • एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962

  • सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट, 2010

में बदलाव का प्रस्ताव करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए निजी और विदेशी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश दिलाने की कोशिश कर रही है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा, जवाबदेही और राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौता हो सकता है और कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार से जवाब की मांग

कांग्रेस सांसद ने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि क्या इस विधेयक के जरिए परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में निजी और विदेशी पूंजी को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दिशा में कोई भी कदम देशहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही उठाया जाना चाहिए।

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