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भूटान दौरे से लौटे प्रधानमंत्री मोदी: भारत-भूटान संबंधों में नई ऊर्जा, जलविद्युत और कनेक्टिविटी पर बढ़ा सहयोग

Published on: November 13, 2025
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द देवरिया न्यूज़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय भूटान दौरे के बाद बुधवार को भारत लौट आए। इस दौरे ने भारत और भूटान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नई गति दी है। पीएम मोदी ने अपने दूसरे दिन भूटान की राजधानी थिम्फू में कई अहम कार्यक्रमों में भाग लिया और भूटान के चौथे राजा द्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात की।

द्विपक्षीय बैठक में ऊर्जा, व्यापार और कनेक्टिविटी पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को भूटान के चौथे राजा के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के बीच के संबंध केवल पड़ोसी देशों के नहीं, बल्कि “दिल से दिल” के रिश्ते हैं। उन्होंने ऊर्जा, व्यापार, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर भी बातचीत की।

मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा —

“भूटान के चौथे राजा द्रुक ग्यालपो के साथ एक अद्भुत बैठक हुई। भारत-भूटान संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी में सहयोग पर चर्चा हुई। गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना की प्रगति सराहनीय है, जो हमारी एक्ट ईस्ट नीति के अनुरूप है।”

कालचक्र अभिषेक कार्यक्रम का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के वर्तमान राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ “कालचक्र अभिषेक” कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भूटान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने भारत-भूटान के आध्यात्मिक संबंधों को साझा धरोहर बताया।

पुनात्सांगछू-2 परियोजना का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा ने संयुक्त रूप से 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-2 जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। भूटान सरकार ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों की दोस्ती और ऊर्जा सहयोग का प्रतीक है।
इस परियोजना से भूटान अब भारत को बिजली का निर्यात शुरू करेगा, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा, दोनों देशों ने 1200 मेगावाट की पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना पर भी सहमति जताई है। यह परियोजना पूरी होने पर भारत-भूटान की सबसे बड़ी संयुक्त जलविद्युत परियोजना होगी।

राजसी सम्मान के साथ विदाई

दौरे के अंत में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग तोग्बे ने थिम्फू एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को विदाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर भूटान सरकार और जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा —

“भारत और भूटान के बीच विश्वास, परंपरा और विकास की साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।”

यह दौरा भारत की “पड़ोसी पहले” नीति और “एक्ट ईस्ट” रणनीति को नई दिशा देता है, जिसमें भूटान भारत का अहम साझेदार है।


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