Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

पंकज चौधरी बने यूपी भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष, संगठन की कमान गोरखपुर के हाथ

Published on: December 15, 2025
Pankaj Chaudhary becomes UP BJP's

द देवरिया न्यूज़,यूपी: यूपी भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने पंकज चौधरी के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी। शनिवार को एकमात्र नामांकन दाखिल होने के कारण पहले ही उनके निर्विरोध चुने जाने की स्थिति स्पष्ट हो गई थी। लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की गई।

इस अवसर पर केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचन के केंद्रीय प्रभारी व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल तथा प्रदेश चुनाव अधिकारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने पंकज चौधरी की जीत की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पीयूष गोयल के ऐलान से गूंजा सभागार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि यह भाजपा संगठन की मजबूती का प्रमाण है कि पार्टी आज इस ऊंचाई पर पहुंची है। जैसे ही उन्होंने पंकज चौधरी के नाम का ऐलान किया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने पार्टी का झंडा नव निर्वाचित अध्यक्ष को सौंपा। इसी मौके पर राष्ट्रीय परिषद के 120 नव-निर्वाचित सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई।

कुर्मी बिरादरी से चौथे प्रदेश अध्यक्ष

प्रदेश भाजपा के 17वें अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी कुर्मी बिरादरी से आने वाले चौथे नेता बने हैं। उनसे पहले विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्रदेव सिंह भी इसी बिरादरी से प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। शुरुआत में उनके नाम को इस आधार पर खारिज किया जा रहा था कि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष एक ही क्षेत्र से नहीं हो सकते। हालांकि शुक्रवार को उनके नाम की चर्चा तेज हुई और नामांकन की अंतिम स्थिति तक आते-आते तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। भाजपा के संगठनात्मक चुनावों के इतिहास में लक्ष्मीकांत बाजपेयी के बाद यह पहला मौका है, जब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई।

गोरखपुर बना सत्ता और संगठन का केंद्र

केंद्रीय राजनीति से प्रदेश की सियासत में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पूर्वांचल का राजनीतिक प्रभाव और बढ़ गया है। खासकर गोरखपुर भाजपा की राजनीति का नया केंद्र बनकर उभरा है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ में सरकार की कमान है, तो दूसरी ओर पंकज चौधरी के पास संगठन की जिम्मेदारी, जिससे गोरखपुर की पकड़ और मजबूत हुई है।

राजनीतिक सफर की शुरुआती उड़ान

20 नवंबर 1964 को गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की। औद्योगिक पृष्ठभूमि से आने वाले पंकज चौधरी ने 1989 में नगर निगम गोरखपुर से पार्षद बनकर राजनीति में कदम रखा और बाद में डिप्टी मेयर भी बने। महराजगंज में उनकी राजनीतिक जमीन उनके भाई स्वर्गीय प्रदीप चौधरी ने तैयार की, जो जिले के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष थे। राम लहर के दौरान 1991 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और इसके बाद महराजगंज से ही अपनी पहचान मजबूत की। अब तक उन्हें केवल 1999 और 2009 में हार का सामना करना पड़ा। पीएम नरेंद्र मोदी के दूसरे और तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

ऐसा रहा राजनीतिक सफर

1989-91: नगर निगम सदस्य, गोरखपुर
1990-91: उप महापौर, गोरखपुर
1991: 10वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित
1998, 2004, 2014, 2019 और 2024: लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित
2021 से अब तक: केंद्र सरकार में मंत्री

अब तक के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

माधव प्रसाद त्रिपाठी से लेकर भूपेंद्र सिंह चौधरी तक, यूपी भाजपा को अब तक 16 प्रदेश अध्यक्ष मिले हैं। पंकज चौधरी 17वें प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन की बागडोर संभालेंगे।


Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply