प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय दृश्यता लगभग शून्य थी। कोहरे के कारण एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद कुछ वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों को जिला अस्पताल मथुरा और वृंदावन के 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया। प्रशासन के मुताबिक 38 घायल जिला अस्पताल में और 39 बलदेव सीएचसी में इलाजरत हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वह दोस्तों के साथ कार से बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। घने कोहरे में अचानक सामने से आए वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद लगातार कई वाहन आपस में भिड़ते चले गए।
हमीरपुर की नसीमा ने बताया कि वह पति के साथ मजदूरी के लिए पानीपत जा रही थीं। उनकी बस सामने से आ रही दूसरी बस से टकराई और तेजी से आग लग गई। किसी तरह जान बची, लेकिन उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहचान और आंकड़ों को लेकर स्थिति
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चार शवों की पहचान हो चुकी है, शेष की शिनाख्त के लिए टीमें लगी हैं। घटनास्थल से 17 बैग में जले हुए अवशेष और कंकाल के टुकड़े बरामद किए गए हैं। प्रशासन ने फिलहाल 13 मौतों की पुष्टि की है, जबकि अन्य आशंकाओं की जांच जारी है।
हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे सुचारू कराया।