Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर उठे सवालों के बीच दीपिंदर गोयल का बचाव, बोले– गिग मॉडल फुल-टाइम नौकरी नहीं

Published on: January 4, 2026
On the earnings of delivery partners
द देवरिया न्यूज़,बिजनेस : जोमैटो के डिलीवरी पार्टनर्स की आय को लेकर चल रही बहस के बीच कंपनी के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने गिग वर्क मॉडल का मजबूती से समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि साल 2025 में जोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स की औसत प्रति घंटे की कमाई 10.9 प्रतिशत बढ़कर 102 रुपये हो गई है, जबकि 2024 में यह 92 रुपये थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, यदि कोई डिलीवरी पार्टनर रोजाना 10 घंटे और महीने में 26 दिन काम करता है, तो उसकी कुल मासिक कमाई करीब 26,500 रुपये होती है। ईंधन और वाहन रखरखाव जैसे खर्च निकालने के बाद उसकी नेट आय लगभग 21,000 रुपये बैठती है। गोयल ने स्पष्ट किया कि यह गणना लॉग-इन समय के आधार पर की गई है, जिसमें इंतजार का समय भी शामिल होता है।
दीपिंदर गोयल ने कहा कि जोमैटो का गिग मॉडल फुल-टाइम नौकरी का विकल्प नहीं है, बल्कि यह लचीलेपन और अतिरिक्त आय का जरिया है। उन्होंने बताया कि 2025 में एक औसत डिलीवरी पार्टनर ने केवल 38 दिन काम किया, जबकि सिर्फ 2.3 प्रतिशत पार्टनर्स ही ऐसे रहे जिन्होंने 250 दिन से अधिक काम किया। उनके मुताबिक, गिग वर्कर्स से पीएफ या तय सैलरी जैसी फुल-टाइम सुविधाओं की मांग इस मॉडल की मूल अवधारणा के विपरीत है।
10 मिनट डिलीवरी को लेकर उठ रहे सवालों पर गोयल ने सफाई देते हुए कहा कि राइडर्स के ऐप में कोई टाइमर नहीं होता और उन्हें यह भी नहीं पता होता कि ग्राहक को कितने समय में डिलीवरी का वादा किया गया है। उन्होंने कहा कि राइडर्स को तेज गाड़ी चलाने के लिए कभी नहीं कहा जाता। उदाहरण देते हुए गोयल ने बताया कि ब्लिंकइट पर ऑर्डर देने के बाद औसतन 2.5 मिनट में पैकिंग हो जाती है और डिलीवरी पार्टनर करीब 8 मिनट में दो किलोमीटर से कम दूरी तय करता है, यानी उसकी औसत रफ्तार लगभग 16 किमी प्रति घंटा रहती है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर बात करते हुए गोयल ने बताया कि सभी डिलीवरी पार्टनर्स को मेडिकल और लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाता है। उनके अनुसार, 2025 में जोमैटो और ब्लिंकइट ने मिलकर डिलीवरी पार्टनर्स के बीमा पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इसमें 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, 1 लाख रुपये का मेडिकल कवर और लॉस ऑफ पे इंश्योरेंस शामिल है।
इसके अलावा कंपनी महिलाओं के लिए पीरियड रेस्ट डेज, आयकर फाइलिंग में सहायता और नेशनल पेंशन स्कीम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि डिलीवरी में देरी होने पर राइडर्स पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता। उन्होंने आंकड़ों के हवाले से बताया कि हर साल करीब 65 प्रतिशत राइडर्स काम छोड़ देते हैं, जो यह दर्शाता है कि ज्यादातर लोग इस काम को अस्थायी रूप में ही अपनाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply