पुलिस ने मंगलवार सुबह एमजेड विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज निवासी अभय कुमार पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज है। यह कार्रवाई युवराज के पिता की शिकायत के बाद की गई।
बताया गया कि 16 जनवरी की रात कोहरे के बीच युवराज मेहता अपनी कार सहित सेक्टर-150 में बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गए थे। समय रहते बचाव की संभावना होने के बावजूद पुलिस, फायर विभाग और एसडीआरएफ की टीमें उन्हें नहीं बचा सकीं।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) नोएडा पहुंची और अधिकारियों से पूछताछ की। डीएम मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की मौजूदगी में मृतक के पिता के बयान दर्ज किए गए। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि गठित टीम पांच दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि हादसे का जिम्मेदार कौन है और बचाव में क्या चूक हुई।
शाम करीब सात बजे एनडीआरएफ की टीम ने 91 घंटे बाद गंदे पानी में डूबी युवराज की कार को बरामद कर लिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ के जवान 30 से अधिक बार ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ पानी में उतरे। गंदा पानी, दलदल और बेहद कम दृश्यता अभियान में बड़ी बाधा बने। कार नाले से करीब 30 मीटर दूर पानी में धंसी मिली।
कार बाहर निकाले जाने पर उसका सनरूफ और फ्रंट शीशा टूटा हुआ पाया गया, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवराज ने बाहर निकलने की कोशिश की थी। फिलहाल मोबाइल, लैपटॉप और पर्स की तलाश जारी है। मामले को लेकर परिजनों ने पुलिस पर दबाव और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं, जिसकी जांच की बात कही जा रही है।