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नीतीश कुमार के हिजाब प्रकरण पर मायावती नाराज़, कहा– बयानबाज़ी से बढ़ रहा विवाद, सरकारें दिखाएं गंभीरता

Published on: December 21, 2025
Nitish Kumar's hijab issue

द देवरिया न्यूज़,लखनऊ। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने के कथित मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अब इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। मायावती ने घटना पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह मामला सुलझने के बजाय मंत्रियों और अन्य नेताओं की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी के कारण और अधिक बिगड़ता जा रहा है, जो बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

शनिवार को जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि यह प्रकरण सीधे तौर पर महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री स्तर से संवेदनशील और त्वरित हस्तक्षेप होना चाहिए था, ताकि विवाद को समय रहते समाप्त किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री को इस घटना को सही संदर्भ में देखकर आत्ममंथन करना चाहिए और बढ़ते विवाद को समाप्त करने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

बहराइच प्रकरण पर भी जताई चिंता

मायावती ने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस परेड के दौरान कथित तौर पर परंपरा से हटकर एक कथावाचक को सलामी दिए जाने के मामले पर भी गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस परेड और सलामी की अपनी एक गरिमा, अनुशासन और मर्यादा होती है, जिनसे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। इस मामले में यूपी पुलिस प्रमुख द्वारा संज्ञान लेकर जिला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किए जाने के कदम का उन्होंने स्वागत किया और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई।

विधानसभा और संसद सत्र पर सवाल

बसपा सुप्रीमो ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के 19 दिसंबर से शुरू हुए संक्षिप्त शीतकालीन सत्र पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सत्र भी पूर्व की तरह जनहित और जनकल्याण के अहम मुद्दों से भटका रहा। मायावती ने किसानों को खाद की किल्लत, महंगाई और अन्य बुनियादी समस्याओं पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

साथ ही संसद के शीतकालीन सत्र के समापन पर निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण जैसी ज्वलंत समस्याओं पर अपेक्षित और सार्थक चर्चा नहीं हो सकी, जिससे आम जनता की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

बांग्लादेश के हालात पर चिंता

मायावती ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और भारत-विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी को भी गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इन मुद्दों पर समुचित संज्ञान लेते हुए दीर्घकालीन और ठोस नीति के तहत प्रभावी कदम उठाए, ताकि क्षेत्रीय शांति और देश के हित सुरक्षित रह सकें।

मायावती ने अंत में कहा कि चाहे मामला महिला सम्मान का हो, आंतरिक प्रशासन का या अंतरराष्ट्रीय हालात का—सरकारों को राजनीतिक बयानबाज़ी से ऊपर उठकर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।


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