Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

नेपाल में 18 जेलों से 6 हजार कैदी फरार, बिहार-नेपाल सीमा पर कड़ा पहरा

Published on: September 10, 2025
nepal-jailbreak-6000-prisoners-escape-border-alert

द देवरिया न्यूज़ (काठमांडू): नेपाल में बीते तीन दिनों से जारी राजनीतिक और प्रशासनिक अस्थिरता के बीच देशभर की 18 जेलों से करीब 6 हजार कैदी फरार हो गए हैं। इस बड़े पैमाने पर हुई जेल ब्रेक घटना ने न सिर्फ नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि भारत के बिहार राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने इस घटना के बाद नेपाल से सटे सभी सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि जेल से फरार कैदी नेपाल से लगी 729 किलोमीटर लंबी खुली सीमा के रास्ते बिहार के सीमावर्ती इलाकों में घुस सकते हैं और वहां शरण ले सकते हैं।


सीमा पर बढ़ी सुरक्षा

  • एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • नेपाल सीमा पर अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की गई है।

  • राज्य पुलिस मुख्यालय ने भी सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा है।

  • ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।

  • अस्थायी चेक पोस्ट बनाकर हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


जेल ब्रेक की घटनाएं

नेपाल के अलग-अलग जेलों से बड़ी संख्या में कैदी फरार हुए हैं। इनमें कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • झुमका जेल से – 1575 कैदी फरार

  • पोखरा जेल से – 900 कैदी फरार

  • महोतरी जेल से – 576 कैदी फरार (कुल 577 में से)

  • कैलाली जेल से – 612 कैदी फरार

  • चितवन जेल से – 700 कैदी फरार

  • कपिलबस्तु जेल से – 459 कैदी फरार

  • काठमांडू नरखू जेल से – 233 कैदी फरार

  • कंचनपुर जेल से – 450 कैदी फरार

इसके अलावा, भीमफेडी जेल से 208, रौतहट जेल से 233 और जनेश्वर जेल से 572 कैदी भाग निकले।


अपराधियों और हथियारों को लेकर खतरा

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में हुई इस उथल-पुथल के दौरान कई बैंकों में लूटपाट और पुलिस थानों से हथियारों की लूट की घटनाएं भी सामने आई हैं। आशंका है कि अपराधी और हथियार तस्कर इन लूटे गए हथियारों को सीमावर्ती इलाकों में छिपा सकते हैं। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए नेपाल सीमा की निगरानी और भी बड़ी चुनौती बन गई है।


बिहार की चुनौती

बिहार के सात जिले – सुपौल, किशनगंज, अररिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण – नेपाल से सटे हुए हैं। यहां कई ऐसे छोटे रास्ते हैं जहां से आम दिनों में भी लोगों का आना-जाना होता रहता है। यही रास्ते अब फरार कैदियों और तस्करों के लिए आसान पनाहगाह बन सकते हैं।


अधिकारियों का बयान

प्रमोद कुमार मंडल, डीआईजी, पूर्णिया ने बताया कि –
“नेपाल में बड़े पैमाने पर हुए जेल ब्रेक के बाद सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और चौकसी को कड़ा कर दिया गया है। एसएसबी की तैनाती बढ़ाई गई है, अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है और ड्रोन कैमरे से लगातार नजर रखी जा रही है।”


इसे भी पढ़े : रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी, कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाकर किया स्वागत

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply