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देवरिया में प्रसूता ने एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया:ईएमटी और आशा की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित, 102 एंबुलेंस बनीं जीवनदायिनी

Published on: November 6, 2025
Mother gives birth to child in ambulance in Deoria
द देवरिया न्यूज़ ,देवरिया। मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए 102 एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार देर शाम एक महिला की एंबुलेंस में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। यह मामला लार थाना क्षेत्र के रोपण छपरा गांव का है, जहां 28 वर्षीय नेहा खातून, पत्नी सद्दाम हुसैन, ने अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। एंबुलेंस की ईएमटी मधु कुमारी और स्थानीय आशा कार्यकर्ता की तत्परता से मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
बुधवार की शाम अचानक नेहा खातून को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा को फोन कर सहायता मांगी। कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस संख्या UP32 EG 1215 मौके पर पहुंची और प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुई। हालांकि रास्ते में नेहा की पीड़ा असहनीय होती चली गई और स्थिति गंभीर दिखने लगी। ऐसे में एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) मधु कुमारी ने अपनी जिम्मेदारी और अनुभव का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी। गांव की आशा कार्यकर्ता ने भी हर कदम पर सहयोग किया।
कुछ ही मिनटों में नेहा खातून ने एंबुलेंस के भीतर ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद ईएमटी मधु कुमारी ने नवजात की नाल काटी और प्राथमिक उपचार की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। एंबुलेंस में ही मां और शिशु को चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई, जिससे दोनों की स्थिति स्थिर बनी रही। इसके बाद एंबुलेंस टीम ने तुरंत मां-बच्चे को लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच कर बताया कि दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और खतरे से बाहर हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने ईएमटी मधु कुमारी और आशा कार्यकर्ता की तत्परता और साहस की सराहना की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि 102 एंबुलेंस सेवा केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षक आपातकालीन सेवा बन चुकी है। ग्रामीणों ने भी एंबुलेंस स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि मधु कुमारी और आशा कार्यकर्ता ने कठिन परिस्थिति में जिस तरह संयम और साहस के साथ काम किया, वह काबिले तारीफ है। उनके प्रयास से न केवल एक बच्चे का जन्म सुरक्षित हुआ, बल्कि एक परिवार को राहत और खुशी मिली।
एंबुलेंस कर्मियों की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि आपात स्थिति में सेवा भाव, मानवीय संवेदना और पेशेवर दक्षता मिलकर चमत्कार कर सकती हैं। यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की कार्यक्षमता और आम जनता के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

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