इन चर्चाओं के बीच जानकारी सामने आई है कि बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ व्यापक स्तर पर बैठकों का दौर शुरू करने वाले हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैठकें संघ परिवार और बीजेपी के बीच समन्वय को और मजबूत करने के उद्देश्य से होंगी। पिछले कुछ वर्षों में दोनों के बीच तालमेल को लेकर उठे मुद्दों को भी इन बैठकों में सुलझाने पर चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि आरएसएस से जुड़े करीब 36 संगठनों के साथ नितिन नबीन की प्रस्तावित बैठकें एक तरह से परिचयात्मक होंगी। इसे बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी दावेदारी मजबूत होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं, लेकिन नितिन नबीन को संघ से जुड़े संगठनों के साथ यह अहम जिम्मेदारी मिलना, भविष्य में उन्हें बड़ी भूमिका सौंपे जाने की ओर इशारा करता है।
सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों का पूरा एजेंडा और कार्यक्रम पहले ही तय किया जा चुका है। बीजेपी की ओर से इसके लिए अलग-अलग संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी गई है, जो पार्टी और उसके वैचारिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखेंगे। इससे संभावित नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी आगामी जिम्मेदारियों को समझने और संगठन को मजबूती देने में मदद मिलेगी।
बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र का कहना है कि 14 जनवरी के बाद न केवल पार्टी संगठन बल्कि केंद्र सरकार में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं, नितिन नबीन के औपचारिक रूप से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर 20 जनवरी तक अंतिम फैसला हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के आगामी विधानसभा चुनाव नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगुवाई में लड़े जाएंगे।