शरद पवार अपने भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के चार दिन बाद मुंबई के लिए रवाना हुए। मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बारामती में शरद पवार और सुनेत्रा पवार के बीच कोई मुलाकात या बातचीत हुई या नहीं।
शपथ के बाद बारामती लौटीं सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार ने शनिवार को मुंबई में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वह पुणे जिले के बारामती स्थित अपने आवास लौट आईं। एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच उनका यह कदम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
वहीं, शरद पवार की बेटी और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले शनिवार को बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गईं।
‘12 फरवरी को होना था विलय’
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार ने 12 फरवरी को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की घोषणा करने की तारीख तय की थी। उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार के निधन के बाद अब इस विलय प्रक्रिया में अड़चन आ सकती है।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर शरद पवार ने कहा कि इस बारे में उनसे कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, “यह फैसला पार्टी ने खुद लिया होगा। संभव है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की हो और पार्टी के भीतर ही यह निर्णय लिया गया हो।”
शरद पवार से मिले पार्थ पवार
शनिवार को अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बारामती स्थित गोविंदबाग आवास पर शरद पवार से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान सुप्रिया सुले, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और युगेंद्र पवार भी मौजूद थे। गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के बीच चल रही विलय वार्ताएं, जो पहले अंतिम चरण में बताई जा रही थीं, फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही हैं। इस पूरे मुद्दे पर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने चुप्पी साध रखी है, जबकि नारहरी जिरवाल जैसे नेता पार्टी में एकजुटता की अपील कर रहे हैं।