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CJI बनने से पहले बोले जस्टिस सूर्यकांत—”मुकदमों का बोझ कम करना पहली प्राथमिकता”

Published on: November 24, 2025
Justice Surya Kant said before becoming CJI

द देवरिया न्यूज़/नई दिल्ली: भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही सुप्रीम कोर्ट और देशभर की निचली अदालतों में कई सुधार योजनाएं एक साथ लागू की जाएंगी। जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि वे शपथ लेने के तुरंत बाद विभिन्न हाईकोर्टों से संपर्क कर उन मामलों की पहचान करेंगे, जिनकी वजह से निचली अदालतों में सुनवाई अटकी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग अक्सर सबसे बड़े पक्षकार होते हैं, इसलिए इस पर भी काम किया जाएगा कि सरकार की ओर से अदालतों पर पड़ने वाला बोझ कैसे कम किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका पर बढ़ते मामले और लंबित मुकदमे उनकी “सबसे बड़ी चिंता” हैं और इस दिशा में वे विशेष रणनीति के साथ काम करेंगे।


AI के इस्तेमाल पर चिंता जताई

जस्टिस सूर्यकांत ने न्याय व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI से प्रक्रियाओं में सुधार हो सकता है, लेकिन आम नागरिक चाहता है कि उसके मामले में अंतिम निर्णय मानवीय संवेदना रखने वाला जज ही दे।

सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और जजों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर उन्होंने कहा कि आलोचना से डरने की बजाय समाधान तलाशना चाहिए।


इलाहाबाद हाईकोर्ट में नई बेंच पर बोले CJI-designate

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक और बेंच स्थापित करने के मुद्दे पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन किसी भी नई बेंच की स्थापना कई प्रक्रियाओं और मानकों पर आधारित होती है। उन्होंने बताया कि लखनऊ खंडपीठ में अच्छी सुविधाएं हैं, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में आधुनिक सुविधाओं की कमी और जजों की संख्या अपर्याप्त है। पार्किंग भी एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन नई बेंच का निर्णय संसद, मुख्य न्यायालय और संबंधित पक्षों की सहमति से ही लिया जा सकता है।


जस्टिस सूर्यकांत आगामी 24 नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे।


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